{"_id":"60079ae78ebc3e2e790066b0","slug":"vrindavan-kumbh-mela-2021-main-gate-will-introduce-braj-culture","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वृंदावन कुंभ मेला: संतों के आगमन के लिए तैयार हो रहा है सुंदर द्वार, ब्रज की संस्कृति से होंगे रूबरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृंदावन कुंभ मेला: संतों के आगमन के लिए तैयार हो रहा है सुंदर द्वार, ब्रज की संस्कृति से होंगे रूबरू
Thu, 21 Jan 2021 10:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 21 Jan 2021 10:02 AM IST
विज्ञापन
वृंदावन कुंभ मेला: संतों के आगमन के लिए तैयार हो रहा द्वार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार से पहले तीर्थनगरी वृंदावन में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में आने वाले संत-महंतों के अलावा पर्यटकों को ब्रज संस्कृति से रूबरू कराने का खाका तैयार किया गया है। वहीं देशभर से आने वालों के संतों के स्वागत के लिए वृंदावन के टटिया स्थान के सामने सुंदर द्वार का निर्माण किया जा रहा है। खास बात है कि इस द्वार की तीन बार डिजाइन बदली जा चुकी है। अब आखिरी डिजाइन पर काम हो रहा है।
यूपी: अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए भाजपा के साथ सपा-बसपा से भी सहयोग मांगेगा संघ
वृंदावन कुंभ 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन 25 मार्च तक चलेगा। इसकी तैयारियां शीर्ष स्तर पर चल रही हैं। वृंदावन कुंभ को यादगार और दर्शनीय बनाने के लिए कई विभाग दिन-रात काम कर रहे हैं। कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों से लेकर पोंटून पुल का निर्माण हुआ है। इसी श्रृंखला में कुंभ स्थल में प्रवेश करने के लिए टटिया स्थान पर उत्तर प्रदेश ब्रजतीर्थ विकास परिषद द्वारा सुंदर द्वार का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
संबंधित खबर: वृंदावन कुंभ मेला: तीर्थनगरी की अच्छी छवि लेकर जाएं संत-श्रद्धालु, ऐसी होगी सफाई व्यवस्था
तीन बार बदली गई डिजाइन
खास बात है कि इस द्वार की तीन बार डिजाइन बदली गई है। हालांकि इस संबंध में अभी किसी ने आपत्ति तो दर्ज नहीं कराई, लेकिन अंदरखाने संतों में एक राय न बनने के बाद उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद ने द्वार की डिजाइन को बदलवा दिया है। बताया जाता है कि पहले इसे ब्रह्मर्षि श्री देवरहा बाबा कुंभ बैठक द्वार के नाम से बनाया जा रहा था, लेकिन इस पर संतों की एक राय न बनने पर इसे कुंभ द्वार नाम दिया जा रहा है। इससे पहले भी एक बार इसकी डिजाइन बदली जा चुकी है। इस बदलाव में द्वार की ऊंचाई को बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
यूपी: अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए भाजपा के साथ सपा-बसपा से भी सहयोग मांगेगा संघ
विज्ञापन
वृंदावन कुंभ 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन 25 मार्च तक चलेगा। इसकी तैयारियां शीर्ष स्तर पर चल रही हैं। वृंदावन कुंभ को यादगार और दर्शनीय बनाने के लिए कई विभाग दिन-रात काम कर रहे हैं। कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों से लेकर पोंटून पुल का निर्माण हुआ है। इसी श्रृंखला में कुंभ स्थल में प्रवेश करने के लिए टटिया स्थान पर उत्तर प्रदेश ब्रजतीर्थ विकास परिषद द्वारा सुंदर द्वार का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
संबंधित खबर: वृंदावन कुंभ मेला: तीर्थनगरी की अच्छी छवि लेकर जाएं संत-श्रद्धालु, ऐसी होगी सफाई व्यवस्था
तीन बार बदली गई डिजाइन
खास बात है कि इस द्वार की तीन बार डिजाइन बदली गई है। हालांकि इस संबंध में अभी किसी ने आपत्ति तो दर्ज नहीं कराई, लेकिन अंदरखाने संतों में एक राय न बनने के बाद उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद ने द्वार की डिजाइन को बदलवा दिया है। बताया जाता है कि पहले इसे ब्रह्मर्षि श्री देवरहा बाबा कुंभ बैठक द्वार के नाम से बनाया जा रहा था, लेकिन इस पर संतों की एक राय न बनने पर इसे कुंभ द्वार नाम दिया जा रहा है। इससे पहले भी एक बार इसकी डिजाइन बदली जा चुकी है। इस बदलाव में द्वार की ऊंचाई को बढ़ाया गया है।