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इस दिवाली ठाकुर बांकेबिहारी के सम्मुख दीपदान नहीं कर पाएंगे भक्त, वजह ये
ब्यूरो/अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
Updated Wed, 18 Oct 2017 07:54 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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वृंदावन में दिवाली वाले दिन वर्ष में एक बार ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के चौक में चौमुखी सीढ़ी पर दीपदान की परंपरा का इस बार निर्वहन नहीं हो सकेगा। इसे लेकर श्रद्धालुओं में मायूसी भी है। अब तक श्रद्धालु यहां दीप जलाने के बाद ही अपने घरों को रोशन करते थे।
बताया गया है कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की प्रशासक मथुरा मुंसिफ न्यायालय ने इस बार दीपदान की अनुमति नहीं दी है। मंदिर सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बताया कि दिवाली वाले दिन भक्त चौंक में रखी चौमुखी सीढ़ी पर दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे हैं।
अधिकांश श्रद्धालु पहले अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज के मंदिर में दीपदान करने के बाद ही अपने-अपने घरों को रोशन करते हैं, लेकिन मंदिर प्रशासक द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद दीपदान नहीं हो सकेगा।
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बताया गया है कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की प्रशासक मथुरा मुंसिफ न्यायालय ने इस बार दीपदान की अनुमति नहीं दी है। मंदिर सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बताया कि दिवाली वाले दिन भक्त चौंक में रखी चौमुखी सीढ़ी पर दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे हैं।
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अधिकांश श्रद्धालु पहले अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज के मंदिर में दीपदान करने के बाद ही अपने-अपने घरों को रोशन करते हैं, लेकिन मंदिर प्रशासक द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद दीपदान नहीं हो सकेगा।
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष बड़ी हवेली द्वारा मंदिर के चौंक में दीपदान किया जाता है, जिसमें आम भक्त भी सहभागी होते हैं। इस बार मंदिर प्रशासक ने दीपदान की अनुमति नहीं दी है।
बता दें कि मंदिर प्रशासक मथुरा मुंसिफ द्वारा पिछले दिनों दिए मंदिर परिसर में दीपक जलाने पर रोक लगा दी थी। वैसे कार्तिक मास में सायंकालीन वेला में मंदिर के जगमोहन में चांदी की आरती पर दीपक जोड़े जाते हैं। वहीं मंदिर के गेट नंबर दो के पास चबूतरे पर दीपदान कर रहे हैं।
बता दें कि मंदिर प्रशासक मथुरा मुंसिफ द्वारा पिछले दिनों दिए मंदिर परिसर में दीपक जलाने पर रोक लगा दी थी। वैसे कार्तिक मास में सायंकालीन वेला में मंदिर के जगमोहन में चांदी की आरती पर दीपक जोड़े जाते हैं। वहीं मंदिर के गेट नंबर दो के पास चबूतरे पर दीपदान कर रहे हैं।