आगरा। ताजनगरी के फतेहाबाद रोड स्थित कलाकृति सभागार में भारतीय शास्त्रीय नृत्य, गुरु-शिष्य परंपरा और आध्यात्मिक साधना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था वृंदा बंसल के भव्य भरतनाट्यम अरंगेत्रम समारोह का। उनके नृत्य की थिरकन और घुंघरुओं की झंकार ने उपस्थित कला-प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वृंदा बंसल की शास्त्रीय प्रस्तुतियां रहीं। उन्होंने पुष्पांजलि एवं नटराज स्तुति से कलात्मक यात्रा का आरंभ किया, जिसके बाद अलारिप्पु, जातिस्वरम, कृष्ण शब्दम और श्रीराम स्तुति जैसी कठिन रचनाओं को अत्यंत कुशलता से मंच पर उतारा तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सुप्रसिद्ध नृत्यांगना एवं अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने वृंदा की प्रतिभा की प्रशंसा की। कहा कि भरतनाट्यम केवल शारीरिक क्रिया नहीं बल्कि ईश्वर से संवाद का माध्यम है। वहीं पद्मश्री पल्लवी शर्मा व विख्यात गजल गायक सुधीर नारायण ने भी वृंदा की कला की तारीफ की। सिंधिया कन्या विद्यालय की छात्रा रहीं वृंदा वर्तमान में आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन की पढ़ाई कर रही हैं। कार्यक्रम का संचालन सोनिया मित्तल एवं गरिमा अग्रवाल ने किया। समारोह में जिग्नेश सुराणी, विध्या श्रीनिवासन, श्रीनिवासन, फेनिल सोनी और प्रार्थना महिसुरी का विशेष योगदान रहा।