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वीरांगना सम्मान समारोह: बलिदान के आगे झुक गए जांबाजों के सिर, भावुक हुए एयर कमोडोर; पैर छूकर लिया आशीर्वाद

Wed, 14 Aug 2024 07:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह आशीष शर्मा, आगरा
आशीष शर्मा, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 14 Aug 2024 07:46 AM IST
सार

अमर उजाला के ‘मां तुझे प्रणाम’ कार्यक्रम के तहत वीरांगना सम्मान समारोह में 80 वर्षीय सन देवी का जज्बा देखकर एयर कमोडोर सतीश गुप्ता भावुक हुए। एयर कमोडोर ने पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
 

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virangana samman samaroh maa tujhe pranam Air Commodore became emotional took blessings by touching feet
एयर कमोडोर - फोटो : संवाद

विस्तार

80 वर्षीय सन देवी का कम उम्र में ही मांग का सिंदूर उजड़ गया। देश के लिए जान की बाजी लगाकर पति दयाराम ने वीरगति प्राप्त की। उम्र के 6 दशक पूरे होने के बाद भी सन देवी का हौसला टूटा नहीं है। हर दिन पति की शहादत को नमन करती हैं। अमर उजाला के ‘मां तुझे प्रणाम’ कार्यक्रम के तहत वीरांगना सम्मान समारोह में जब लड़खड़ाते पैरों से वह आगे बढ़ीं तो मौजूद हर जांबाज उठ खड़ा हुआ। एयर कमोडोर सतीश गुप्ता मंच से नीचे उतर आए। सम्मानित करने के बाद पैर छूकर आशीर्वाद लिया। एयर कमोडोर की पत्नी श्वेता गुप्ता ने उन्हें गले लगाकर मान बढ़ाया।
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गांव गढि़या, कूकापुर, जैतपुर कलां की सन देवी को अमर उजाला की ओर से आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में भतीजे दिनेश कुमार लेकर आए थे। सन देवी ठीक से चल नहीं पाती हैं। मगर, जब उन्हें पता चला कि पति की शहादत पर सम्मानित किया जा रहा है तो रुक न सकीं। तकरीबन 100 किलोमीटर का सफर तय कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गईं।

 
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दिनेश कुमार ने बताया कि बुआ की शादी को मात्र 1 साल ही हुए थे, जब उनके पति दयाराम को वीरगति प्राप्त हुई। दयाराम कुमायूं रेजीमेंट में तैनात थे। वर्ष 1962 में लद्दाख में चीन से युद्ध में शहीद हो गए। तब उनका पार्थिव शरीर भी घर नहीं लाया जा सका था। सैनिक घर वर्दी लेकर पहुंचे थे। सन देवी ने पति की वर्दी को माथे से लगा लिया था।

 
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शादी के एक साल बाद ही पति के शहीद होने के बाद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। पहले ससुराल में दिन बिताए। मन नहीं लगा तो मायके आ गईं। उनकी कोई संतान भी नहीं है। पिता की मौत के बाद भाई प्रताप सिंह ने उनकी जिम्मेदारी संभाल ली। वर्ष 2017 में उनकी भी मौत हो गई। अब वह दिनेश के साथ ही रह रही हैं।

 
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