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कमीशन के मामले में जांच के लिए विजीलेंस टीम ने डाला डेरा

Sun, 03 Jul 2022 11:49 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 11:49 PM IST
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Vigilance team camped for investigation in commission case
फिरोजाबाद। 14 वें और 15 वित्त आयोग की निधि से हुए विकास कार्यों के बकाया भुगतान को ठेकेदारों से कमीशन के खेल में नगर निगम के जिम्मेदारों पर शिकंजा कसने लगा है। कमीशन के खेल और विकास कार्यों की तह तक की जांच के विजीलेंस की टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है।
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नगर निगम में हुए विकास कार्यों के लंबित भुगतान की एवज में ठेकेदारों से कमीशन को लेकर शुक्रवार काफी हंगामा हुआ। निगम के ठेकेदारों ने बकाया भुगतान के एवज में कमीशन लेने के बाद भी भुगतान नहीं कराने का आरोप लगाया था। हंगामे के बाद बैकफुट पर आए जिम्मेदार अफसरों ने खुद की गर्दन फंसते देख ठेकेदारों से वसूली गई धनराशि को वापस कराने को शुक्रवार की रात और शनिवार को खासी भागदौड़ की। इस पूरे प्रकरण में एक चर्चित पंप ऑपरेटर की भूमिका खास रही।
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यह मामला प्रभारी मंत्री और उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद विजीलेंस टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है। टीम द्वारा गोपनीय तरीके से विकास कार्यों की सच्चाई और कमीशनखोरी के खेल की तह तक पहुंचने की कवायद शुरू कर दी है। बताया जाता है कि शनिवार शाम को किसी कारण वश अटल पार्क में रविवार को एकत्र हुए नगर निगम कर्मचारियों की जानकारी जैसे ही विजीलेंस टीम को हुई। वैसे ही लोग निकल गए। हालांकि टीम के सदस्यों को मौके पर दो ठेकेदार मिल गए। टीम के सदस्यों ने उनसे बात की। साथ ही टीम ने एक नामित पार्षद और दो अन्य निगम कर्मियों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
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नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने फिरोजाबाद में ठेकेदारों से काम के एवज में मोटा कमीशन लेने के आरोप के मामले का संज्ञान लिया है। नगर विधायक मनीष असीजा ने बताया कि नगर विकास मंत्री से इस संबंध में बात हुई है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विजीलेंस टीम के आने की भी जानकारी कुछ लोगों के माध्यम से हुई है।

जांच बैठी हुई कई लोग नपेंगे
विकास कार्यों के नाम पर कमीशन लेने के मामले में अगर जांच बैठी तो नगर निगम के कई अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। क्योंकि नगर निगम में कमीशन का भ्रष्टाचार काफी बड़ा है। इसके लिए कई बार शिकायत भी लोग कर चुके हैं। करीब आठ माह पहले एक पार्षद ने तो सोशल मीडिया पर पार्षदों को मिलने वाले कमीशन के पैसे से सड़कों की लाइटें लगवाने की बात तक साझा की थी।
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