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मृतक बेटी के पिता का दर्द: भाजपा के लोगों ने तब साथ दिया होता, तो अब तक आरोपी जेल में होते
Tue, 03 Dec 2019 12:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:26 AM IST
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नवोदय विद्यालय में जांच करती एसआईटी
- फोटो : अमर उजाला
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बेटी को न्याय मिलने की अब उम्मीद लगी है। शासन ने कार्रवाई करने में अगर देरी नहीं की होती तो बेटी के हत्यारोपी जेल में होते। ये बातें नवोदय विद्यालय की छात्रा के पिता ने कही। बेटी की मौत के बाद से ही पिता और मां उसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
कोई कुछ भी कहे, लेकिन माता-पिता का साफ कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है। सोमवार को छात्रा के पिता से हुई बातचीत में उनका दर्द सामने आया। उनका कहना है कि पुलिस और जिला प्रशासन शुरू से ही निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे थे। प्रशासन से लेकर भाजपा के कई बड़े नेता उनका साथ नहीं, बल्कि उनका धरना खत्म कराने पर उतारू थे।
छात्रा की मौत के मामले में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से एसपी अजय शंकर राय को हटाते हुए डीजीपी कार्यालय संबंद्ध कर दिया गया। वहीं उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई। इस कार्रवाई के बीच छात्रा का परिवार अब न्याय की उम्मीद लगा रहा है।
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कोई कुछ भी कहे, लेकिन माता-पिता का साफ कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है। सोमवार को छात्रा के पिता से हुई बातचीत में उनका दर्द सामने आया। उनका कहना है कि पुलिस और जिला प्रशासन शुरू से ही निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे थे। प्रशासन से लेकर भाजपा के कई बड़े नेता उनका साथ नहीं, बल्कि उनका धरना खत्म कराने पर उतारू थे।
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छात्रा की मौत के मामले में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से एसपी अजय शंकर राय को हटाते हुए डीजीपी कार्यालय संबंद्ध कर दिया गया। वहीं उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई। इस कार्रवाई के बीच छात्रा का परिवार अब न्याय की उम्मीद लगा रहा है।
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'झूठा आश्वासन दिया गया'
मृतका के पिता ने कहा कि वो तो अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन जिस तरह से प्रशासन ने उनका धरना खत्म कराया वो गलत था। उन्हें झूठा आश्वासन दिया गया। जब वो परिवार के साथ अकेले रह गए तो जबरिया उन्हें धमकाते हुए हटाया गया। बैनर आदि को फाड़ दिया गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अगर तब उनका साथ देते तो शायद उन्हें अब तक न्याय मिल चुका होता। शासन ने इतनी सख्ती पहले दिखाई होती तो अब तक हत्यारोपी जेल में होते।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वो उन्हें न्याय दिला दें तो इससे बढ़ कर उनके लिए और कुछ भी नहीं होगा। परिवार ने हंसती खेलती बेटी को खोया है, हर हाल में अपराधियों को सजा दिलाकर रहेंगे।
सिर्फ न्याय चाहिए इससे कम कुछ नहीं
छात्रा के पिता का कहना है कि उन्हें न्याय से कम कुछ भी नहीं चाहिए। बेटी को इंसाफ मिले बस इतनी ही उनकी गुजारिश है। इससे कम में वो चुप नहीं बैठेंगे। बेटी के साथ जो भी गलत हुआ, जिसने भी गलत किया उस दोषी को सजा हर हाल में मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अगर तब उनका साथ देते तो शायद उन्हें अब तक न्याय मिल चुका होता। शासन ने इतनी सख्ती पहले दिखाई होती तो अब तक हत्यारोपी जेल में होते।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वो उन्हें न्याय दिला दें तो इससे बढ़ कर उनके लिए और कुछ भी नहीं होगा। परिवार ने हंसती खेलती बेटी को खोया है, हर हाल में अपराधियों को सजा दिलाकर रहेंगे।
सिर्फ न्याय चाहिए इससे कम कुछ नहीं
छात्रा के पिता का कहना है कि उन्हें न्याय से कम कुछ भी नहीं चाहिए। बेटी को इंसाफ मिले बस इतनी ही उनकी गुजारिश है। इससे कम में वो चुप नहीं बैठेंगे। बेटी के साथ जो भी गलत हुआ, जिसने भी गलत किया उस दोषी को सजा हर हाल में मिलनी चाहिए।