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पात्रों को अपात्र और अपात्रों को पात्र बनाने पर वीडीओ निलंबित
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आगरा। पात्रों को अपात्र और अपात्रों को पात्र बनाने के खेल में ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक भीम जी उपाध्याय ने खेरागढ़ की पहाड़ी कला ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) अशफाख को निलंबित कर दिया है। उन पर नियम विरुद्ध अपात्रों का आवास लिए चयन करने और पात्रों के सूची से नाम काटने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी ने मामले की जांच के बाद ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को रिपोर्ट सौंपी। जिसके बाद वीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पहाड़ी कला निवासी गीता पत्नी परमाल का नाम आवास की पात्रता सूची में शामिल था। नियम विरुद्ध सूची के बीच से नाम काट दिया। सूची का क्रम तोड़कर अपात्र का नाम दर्ज कर लिया। इसी तरह अपात्र मोहन सिंह, शकुंतला पत्नी सोरन सिंह और पप्पू का आवास आवंटन के लिए चयन कर लिया गया। साथ ही विभागीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मामले में आरोपी वीडीओ अशफाक के खिलाफ आरोप पत्र दायर हुआ। जिसके बाद परियोजना निदेशक डीआरडीए ने वीडीओ को निलंबित कर दिया है।
विधौली में हो चुका है घोटाला
जगनेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत विधौली में प्रधानमंत्री आवास विकास के नाम पर 2017 में घोटाला हो चुका है। परिवार के दो-दो, तीन-तीन लोगों को आवास का लाभ मिल गया। कई लोग ऐसे थे जिन्हें पूर्व में आवास योजना में लाभान्वित किया जा चुका था। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत सहित पांच लोगों के विरुद्ध तत्कालीन सीडीओ रविंद्र मादड़ ने निलंबन किया था। मजिस्ट्रेट जांच के बाद आरोपियों से सरकारी धन की वसूली की गई। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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जिला विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी ने मामले की जांच के बाद ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को रिपोर्ट सौंपी। जिसके बाद वीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पहाड़ी कला निवासी गीता पत्नी परमाल का नाम आवास की पात्रता सूची में शामिल था। नियम विरुद्ध सूची के बीच से नाम काट दिया। सूची का क्रम तोड़कर अपात्र का नाम दर्ज कर लिया। इसी तरह अपात्र मोहन सिंह, शकुंतला पत्नी सोरन सिंह और पप्पू का आवास आवंटन के लिए चयन कर लिया गया। साथ ही विभागीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मामले में आरोपी वीडीओ अशफाक के खिलाफ आरोप पत्र दायर हुआ। जिसके बाद परियोजना निदेशक डीआरडीए ने वीडीओ को निलंबित कर दिया है।
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विधौली में हो चुका है घोटाला
जगनेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत विधौली में प्रधानमंत्री आवास विकास के नाम पर 2017 में घोटाला हो चुका है। परिवार के दो-दो, तीन-तीन लोगों को आवास का लाभ मिल गया। कई लोग ऐसे थे जिन्हें पूर्व में आवास योजना में लाभान्वित किया जा चुका था। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत सहित पांच लोगों के विरुद्ध तत्कालीन सीडीओ रविंद्र मादड़ ने निलंबन किया था। मजिस्ट्रेट जांच के बाद आरोपियों से सरकारी धन की वसूली की गई। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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