{"_id":"61fd744cfe246f14a55ed3e6","slug":"vasant-panchami-today-maa-saraswati-will-be-worshipped-mainpuri-news-agr5233636192","type":"story","status":"publish","title_hn":"वसंत पंचमी आज, ज्ञान और कला की देवी की घर होगी पूजा अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वसंत पंचमी आज, ज्ञान और कला की देवी की घर होगी पूजा अर्चना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिले में आज वसंत पंचमी का त्योहार श्रद्धाभाव के साथ मनाया जाएगा। इस दिन घरों में ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाएगी। बच्चों की पढ़ाई के लिए शुभ कार्य किए जाएंगे।
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार पांच फरवरी (आज) वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन होने लगता है। त्योहार को कहीं वसंत पंचमी तो कहीं ज्ञान पंचमी तो कहीं श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है। विद्यालयों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है।
मां सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है। लोग अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए इस दिन मां सरस्वती का पूजन करते हैं। इस दिन बच्चों के शिक्षा आरंभ करने की भी मान्यता है। शुक्रवार को वसंत पंचमी की पूजा के लिए लोगों ने बाजारों में पहुंचकर खरीदारी की।
विज्ञापन
वसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त का महत्व
ज्योतिषाचार्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये बेहतर माना जाता है। इसी कारण यह दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है। वसंत पंचमी के दिन किसी भी समय सरस्वती पूजा की जा सकती है। विद्यालयों में छात्र दोपहर के बाद मां सरस्वती की पूजा करते हैं।
पूजन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचर्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी तिथि 05 फरवरी को प्रात: 03 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 06 फरवरी को 03 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। वसंत पंचमी का पूजन 05 फरवरी को किया जाएगा। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट है। इस दिन राहुकाल सुबह 09 बजकर 51 मिनट से पूर्वान्ह 11 बजकर 13 मिनट तक है।
विज्ञापन
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार पांच फरवरी (आज) वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन होने लगता है। त्योहार को कहीं वसंत पंचमी तो कहीं ज्ञान पंचमी तो कहीं श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है। विद्यालयों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है।
विज्ञापन
मां सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है। लोग अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए इस दिन मां सरस्वती का पूजन करते हैं। इस दिन बच्चों के शिक्षा आरंभ करने की भी मान्यता है। शुक्रवार को वसंत पंचमी की पूजा के लिए लोगों ने बाजारों में पहुंचकर खरीदारी की।
विज्ञापन
वसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त का महत्व
ज्योतिषाचार्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये बेहतर माना जाता है। इसी कारण यह दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है। वसंत पंचमी के दिन किसी भी समय सरस्वती पूजा की जा सकती है। विद्यालयों में छात्र दोपहर के बाद मां सरस्वती की पूजा करते हैं।
पूजन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचर्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी तिथि 05 फरवरी को प्रात: 03 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 06 फरवरी को 03 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। वसंत पंचमी का पूजन 05 फरवरी को किया जाएगा। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट है। इस दिन राहुकाल सुबह 09 बजकर 51 मिनट से पूर्वान्ह 11 बजकर 13 मिनट तक है।