फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   vaccination positive impact on Covid-19 recovered people

एक्सक्लूसिव: कोरोना संक्रमण को मात दे चुके लोगों में टीका लगवाने के बाद आठ गुना एंटीबॉडी

Fri, 19 Mar 2021 11:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 19 Mar 2021 11:02 AM IST
सार

  • एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने कोरोना टीके के प्रभाव पर की स्टडी
  • शोध के लिए 132 लोगों के नमूनों की जांच हुई, जिसमें सामने आया यह तथ्य 

विज्ञापन
vaccination positive impact on Covid-19 recovered people
कोरोना टीकाकरण (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सामान्य लोगों के मुकाबले कोरोना संक्रमण को मात दे चुके लोगों में टीका लगवाने के बाद आठ गुना तक एंटीबॉडी बन रही हैं। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के शोध में यह तथ्य सामने आया है। इस शोध के लिए 132 लोगों के नमूनों की जांच की गई। बीमार लोगों में सबसे कम एंटीबॉडी मिलीं। 

विज्ञापन


एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि पहली डोज लगवाने वाले 18 से 65 साल के 136 लोगों के रक्त के नमूने लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायलॉजी विभाग में जांच कराई गई। इनमें से 50 लोग ऐसे रहे, जिन्होंने संक्रमण ठीक होने के बाद वैक्सीन लगवाई। 
विज्ञापन


इनमें 250 यूनिट/मिलीलीटर एंटीबॉडी पाई गई। जबकि जिनको संक्रमण नहीं हुआ था ऐसे 86 लोगों में 30  यूनिट/मिलीलीटर एंटीबॉडी मिलीं। इन लोगों में 12 महीने तक चरणबद्ध एंटीबॉडी की जांच कराई जाएगी। इससे पता चल सकेगा कि कितने समय तक इनके शरीर में एंटीबॉडी बनी हुई हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बुखार, शरीर में दर्द यानि ज्यादा
ब्लड बैंक की स्टडी में पाया कि जिन लोगों को वैक्सीन लगने के बाद दो से तीन दिन तक हल्का बुखार, शरीर में दर्द की परेशानी रही, उनमें एंटीबॉडी सबसे ज्यादा पाई गईं। 

बीमार लोगों में सबसे कम मिलीं
दमा, सांस समेत अन्य बीमारी से जूझ रहे लोगों में एंटीबॉडी सबसे कम बनीं। पूछताछ में पाया कि जिन लोगों में दवा के तौर पर एस्टरॉयड चल रहा है, उनमें एक से 10 यूनिट/मिलीलीटर तक ही एंटीबॉडी बनी। 

रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करती है एंटीबॉडी
एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि एंटीबॉडी प्रोटीन से बनी होती हैं। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से और वैक्सीन के जरिए तैयार होती हैं और शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करती हैं। एंटीबॉडी वायरस-बैक्टीरिया को नष्ट या फिर उसके प्रभाव को कम कर देती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed