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ताजमहल पर उस्ताद जाकिर हुसैन बोले, अरे हुजूर, 'वाह ताज' बोलिए
Tue, 05 Feb 2019 02:29 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 05 Feb 2019 02:29 PM IST
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उस्ताद जाकिर हुसैन, साथ में पत्नी व उनकी दोस्त
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अरे हुजूर, वाह ताज बोलिए। विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन एक विज्ञापन में तो यह बोलते दिखे ही, लेकिन जब पत्नी के साथ मंगलवार को वो ताजमहल का दीदार करने पहुंचे तो फिर से बोल उठे कि ‘वाह ताज’।
उस्ताद जाकिर हुसैन अपनी पत्नी एंटोनियो के साथ सोमवार रात को ही आगरा आ गए थे। मंगलवार को उन्होंने कथक नृत्यांगना अपनी पत्नी एंटोनियो मिनेकोला और उनकी दोस्त जूडी के साथ ताज का दीदार किया। इसके बाद आगरा किला और फतेहपुर सीकरी का भी भ्रमण किया।
विश्वविख्यात ग्रैमी एवार्ड, अमेरिकी नेशनल हेरिटेज फैलोशिप जैसे सम्मानों से नवाजे गए उस्ताद जाकिर हुसैन जब ताज पहुंचे तो हल्की धुंध की चादर ताज पर गहराई हुई थी। ताज के साए में तबला बजा चुके विश्वविख्यात तबला वादक हुसैन ने सेंट्रल टैंक और रेड प्लेटफार्म पर फोटो खिंचवाए। उन्होंने स्मारक की वास्तुकला और इतिहास की जानकारी ली।
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उस्ताद जाकिर हुसैन अपनी पत्नी एंटोनियो के साथ सोमवार रात को ही आगरा आ गए थे। मंगलवार को उन्होंने कथक नृत्यांगना अपनी पत्नी एंटोनियो मिनेकोला और उनकी दोस्त जूडी के साथ ताज का दीदार किया। इसके बाद आगरा किला और फतेहपुर सीकरी का भी भ्रमण किया।
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विश्वविख्यात ग्रैमी एवार्ड, अमेरिकी नेशनल हेरिटेज फैलोशिप जैसे सम्मानों से नवाजे गए उस्ताद जाकिर हुसैन जब ताज पहुंचे तो हल्की धुंध की चादर ताज पर गहराई हुई थी। ताज के साए में तबला बजा चुके विश्वविख्यात तबला वादक हुसैन ने सेंट्रल टैंक और रेड प्लेटफार्म पर फोटो खिंचवाए। उन्होंने स्मारक की वास्तुकला और इतिहास की जानकारी ली।
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दरगाह पर की जियारत
जाकिर हुसैन ने दरगाह पर की जियारत
उस्ताद जाकिर हुसैन पांच साल पहले 15 जनवरी 2014 को ताज नेचर वॉक में प्रस्तुति दे चुके हैं। उन्होंने तबले से राधे कृष्ण की ध्वनि सुनाई तो लोग हैरान रह गए। तबले की थाप से उन्होंने भगवान शिव के रौद्र रूप की कहानी सुनाई। नेचर वॉक में ताज के साए तले शहर के लोगों ने पहली बार उनके जादू को देखा।
जाकिर हुसैन ने हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में मत्था टेका और जियारत की। मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ मांगी। वह पत्नी के साथ दोपहर बाद दरगाह पहुंचे, जहां मजार पर सज्जादानशीं के पुत्र सैफ फरीदी चिश्ती ने उन्हें गुलपोशी कराकर चादरपोशी कराई। इस मौके पर उन्होंने मुगलिया स्मारकों का भी अवलोकन किया।
जाकिर हुसैन ने हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में मत्था टेका और जियारत की। मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ मांगी। वह पत्नी के साथ दोपहर बाद दरगाह पहुंचे, जहां मजार पर सज्जादानशीं के पुत्र सैफ फरीदी चिश्ती ने उन्हें गुलपोशी कराकर चादरपोशी कराई। इस मौके पर उन्होंने मुगलिया स्मारकों का भी अवलोकन किया।