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UP: कंपाउंडर की संदिग्ध हालात में मौत...परिजनों का फूटा आक्रोश, तीन घंटे तक सड़क जाम कर हंगामा
Fri, 07 Nov 2025 04:32 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 07 Nov 2025 04:32 PM IST
सार
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के कालिंदी विहार में हॉस्पिटल कर्मचारी की हुई संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। युवक के परिजनों ने शव को हॉस्पिटल के बाहर रखकर हंगामा कर दिया।
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हंगामा करते परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के कालिंदी विहार स्थित वरुण हॉस्पिटल के कंपाउंडर कृष्णा बघेल (20) की बृहस्पतिवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि हॉस्पिटल संचालक ने घटना की तत्काल जानकारी नहीं दी। गुपचुप तरीके से पुलिस को सूचना देकर पोस्टमार्टम करा दिया। शुक्रवार को वो लोग हास्पिटल पहुंच गए। सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। तीन घंटे तक हंगामा किया। हास्पिटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए महिलाएं एंबुलेंस के आगे खड़ी हो गईं। सूचना पर थाना ट्रांस यमुना की फोर्स पहुंची। संचालक और पुलिस से बातचीत के बाद ही शव ले गए।
नगला आशा, नंदलालपुर, खंदाैली निवासी कृष्णा बघेल (20) दो साल से कालिंदी विहार स्थित वरुण हॉस्पिटल के आईसीयू में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत थे। परिजन ने बताया कि पिता सतीश की 15 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कृष्णा परिवार का सहारा था और घर का खर्च चलाने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। मृतक कृष्णा के छोटे भाई शुभम ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को वह जिम गया था। रात आठ बजे खाना खाकर वह हॉस्पिटल की ड्यूटी के लिए घर से निकल गया।
आरोप है कि दो बजे परिचित सचिन ने शुभम को फोन किया। बताया कि रात करीबन 11 बजे कृष्णा की तबीयत खराब हो गई थी। इस पर हास्पिटल में उपचार किया गया। उसे इंजेक्शन भी लगाए गए। मगर हालत में सुधार नहीं हुआ। इस की जानकारी हास्पिटल संचालक ने परिजन को नहीं दी। उन्होंने हॉस्पिटल में फोन किया, जिस पर कर्मचारियों ने पहले बताया कि कृष्णा को ट्रांस यमुना स्थित एक हॉस्पिटल में ले गए थे। फिर सिकंदरा स्थित हॉस्पिटल में भर्ती होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद उसको एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले गए। शुक्रवार तड़के 4 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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भाई शुभम ने आरोप लगाया कि सूचना के बिना कृष्णा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वह वहां पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर ढाई बजे शव वरुण हास्पिटल के बाहर ले आए और हंगामा कर दिया। शव को साै फुटा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लाइन लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजन ने हास्पिटल संचालक और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में संचालक और परिजन के बीच बातचीत हुई। तब लोग शांत हुए। शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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नगला आशा, नंदलालपुर, खंदाैली निवासी कृष्णा बघेल (20) दो साल से कालिंदी विहार स्थित वरुण हॉस्पिटल के आईसीयू में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत थे। परिजन ने बताया कि पिता सतीश की 15 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कृष्णा परिवार का सहारा था और घर का खर्च चलाने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। मृतक कृष्णा के छोटे भाई शुभम ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को वह जिम गया था। रात आठ बजे खाना खाकर वह हॉस्पिटल की ड्यूटी के लिए घर से निकल गया।
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आरोप है कि दो बजे परिचित सचिन ने शुभम को फोन किया। बताया कि रात करीबन 11 बजे कृष्णा की तबीयत खराब हो गई थी। इस पर हास्पिटल में उपचार किया गया। उसे इंजेक्शन भी लगाए गए। मगर हालत में सुधार नहीं हुआ। इस की जानकारी हास्पिटल संचालक ने परिजन को नहीं दी। उन्होंने हॉस्पिटल में फोन किया, जिस पर कर्मचारियों ने पहले बताया कि कृष्णा को ट्रांस यमुना स्थित एक हॉस्पिटल में ले गए थे। फिर सिकंदरा स्थित हॉस्पिटल में भर्ती होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद उसको एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले गए। शुक्रवार तड़के 4 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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भाई शुभम ने आरोप लगाया कि सूचना के बिना कृष्णा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वह वहां पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर ढाई बजे शव वरुण हास्पिटल के बाहर ले आए और हंगामा कर दिया। शव को साै फुटा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लाइन लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजन ने हास्पिटल संचालक और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में संचालक और परिजन के बीच बातचीत हुई। तब लोग शांत हुए। शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
बहन की शादी की तैयारी कर रहा था कृष्णा
बेटे की माैत से मां कमलेश देवी बेसुध होकर रोती रहीं। उन्होंने कहा कि बेटे को देखना भी नसीब नहीं हुआ। बहन दुर्गेश फूट-फूटकर रो रही थी। बोली पहले पापा चले गए, अब भाई भी चला गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनके बेटे की जान गई है। परिजन ने बताया कि छोटी बहन दुर्गेश की शादी के लिए लड़का देख रहे थे। कृष्णा बहन की शादी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। पिता की मौत के बाद उसने ही घर की जिम्मेदारी संभाली थी।
कंपाउंडर कृष्णा रात में किसी से बात कर रहा था। इसके बाद ही उसने अपने इंजेक्शन लगा लिया था। इससे उसकी रात में तबीयत खराब हुई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से माैत का कारण पता चलेगा। -डा. सूरज, संचालक, वरुण हास्पिटल
युवक ने हास्पिटल में खुद ही दर्द का इंजेक्शन लगाया था। जांच में इसके सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद वह खाना खाने गया। रात पाैने एक बजे हालत बिगड़ी थी। इस पर दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माैत का कारण पता नहीं चल सका है। इस पर विसरा को फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। -शेषमणि उपाध्याय, एसीपी छत्ता
बेटे की माैत से मां कमलेश देवी बेसुध होकर रोती रहीं। उन्होंने कहा कि बेटे को देखना भी नसीब नहीं हुआ। बहन दुर्गेश फूट-फूटकर रो रही थी। बोली पहले पापा चले गए, अब भाई भी चला गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनके बेटे की जान गई है। परिजन ने बताया कि छोटी बहन दुर्गेश की शादी के लिए लड़का देख रहे थे। कृष्णा बहन की शादी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। पिता की मौत के बाद उसने ही घर की जिम्मेदारी संभाली थी।
कंपाउंडर कृष्णा रात में किसी से बात कर रहा था। इसके बाद ही उसने अपने इंजेक्शन लगा लिया था। इससे उसकी रात में तबीयत खराब हुई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से माैत का कारण पता चलेगा। -डा. सूरज, संचालक, वरुण हास्पिटल
युवक ने हास्पिटल में खुद ही दर्द का इंजेक्शन लगाया था। जांच में इसके सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद वह खाना खाने गया। रात पाैने एक बजे हालत बिगड़ी थी। इस पर दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माैत का कारण पता नहीं चल सका है। इस पर विसरा को फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। -शेषमणि उपाध्याय, एसीपी छत्ता