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ताजमहल को लेकर अमेरिकी दुष्प्रचार का यूपी सरकार ने दिया जवाब, वेबसाइट पर लिखा ये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 25 Jan 2018 10:17 AM IST
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ताजमहल की वेबसाइट
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में ताजमहल पर प्रदूषण के असर और पीलेपन से निपटने के लिए किए जा रहे मडपैक ट्रीटमेंट पर अमेरिकी वेबसाइटों ने दुष्प्रचार शुरू किया है कि साल 2018 में सैलानी ताजमहल देखने न जाएं। मडपैक के कारण यहां जाना मुनासिब नहीं है।
अमेरिकी वेबसाइटों के दुष्प्रचार को अमर उजाला ने उजागर किया तो पर्यटन मंत्रालय हरकत में आया और अब ताजमहल की वेबसाइट समेत पर्यटन वेबसाइटों पर मडपैक के दौरान ताज बंद न होने की सफाई दी है और पर्यटकों से ताज की खूबसूरती एवं वास्तुकला देखने का आह्वान किया है।
पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न पर्यटन वेबसाइटों पर अमेरिकी दुष्प्रचार का जवाब देना शुरू किया है। ताजमहल की आधिकारिक वेबसाइट www.tajmahal.gov.in पर क्लिक करते ही होम पेज से पहले ही मैसेज आ रहा है।
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अमेरिकी वेबसाइटों के दुष्प्रचार को अमर उजाला ने उजागर किया तो पर्यटन मंत्रालय हरकत में आया और अब ताजमहल की वेबसाइट समेत पर्यटन वेबसाइटों पर मडपैक के दौरान ताज बंद न होने की सफाई दी है और पर्यटकों से ताज की खूबसूरती एवं वास्तुकला देखने का आह्वान किया है।
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पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न पर्यटन वेबसाइटों पर अमेरिकी दुष्प्रचार का जवाब देना शुरू किया है। ताजमहल की आधिकारिक वेबसाइट www.tajmahal.gov.in पर क्लिक करते ही होम पेज से पहले ही मैसेज आ रहा है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कहा गया है कि ताजमहल की सफाई और मडपैक के दौरान इसकी यात्रा पर कोई असर नहीं है। पर्यटक आएं और मोहब्बत की निशानी ताजमहल की वास्तुकला, इनले, कार्विंग को देखें और महसूस करें।
अमेरिकी वेबसाइटों ने साल 2018 में टॉप 10 ऐसे पर्यटन स्थलों की सूची जारी की थी, जहां सैलानी न जाएं। इनमें ताजमहल और चीन की दीवार भी शामिल थी। अमेरिका से ही भारत और ताजमहल देखने सबसे ज्यादा सैलानी आते हैं।
ताजमहल का दीदार करने वाले सैलानियों में करीब 15.75 फीसदी अमेरिकी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमर उजाला द्वारा अमेरिकी दुष्प्रचार को उजागर करने पर ट्वीट भी किया था।
अमेरिकी वेबसाइटों ने साल 2018 में टॉप 10 ऐसे पर्यटन स्थलों की सूची जारी की थी, जहां सैलानी न जाएं। इनमें ताजमहल और चीन की दीवार भी शामिल थी। अमेरिका से ही भारत और ताजमहल देखने सबसे ज्यादा सैलानी आते हैं।
ताजमहल का दीदार करने वाले सैलानियों में करीब 15.75 फीसदी अमेरिकी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमर उजाला द्वारा अमेरिकी दुष्प्रचार को उजागर करने पर ट्वीट भी किया था।