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प्रदेशभर में गंगा किनारे लागू होगा कासगंज का प्रोजेक्ट, फूल और औषधि के पौधों महकेंगे 'गंगावन'
Fri, 31 Jan 2020 05:07 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 31 Jan 2020 05:07 PM IST
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गंगावन में रोपा पौधा
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अध्यक्ष जेपीएस राठौर ने कासगंज जिले के प्रोजेक्ट को प्रदेश भर में गंगा किनारे लागू करने की बात कही है। शुक्रवार को गंगावन गांव का निरीक्षण करने पहुंचे बोर्ड के अध्यक्ष ने कासगंज के प्रोजेक्ट की जमकर प्रशंसा की। साथ ही गंगावन में पौध रोपित कर संकल्प को आगे बढ़ाया।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर गंगावन पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा किनारे चंदनपुर घटियारी में बनाए गए गंगावन का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि गंगावन में अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगे हुए थे। फल फूल और औषधि के पौधों से गंगावन महक रहा था।
इस प्रोजेक्ट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने सराहनीय और प्रदेशभर में एक अनूठी पहल बताया। उन्होंने गंगावन में निरीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट पर बेहतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के सभी ग्रामों में इस प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। गंगा किनारे के सभी जिलों में वन गांव भी सरकार की ओर से बनाए जाएंगे।
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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर गंगावन पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा किनारे चंदनपुर घटियारी में बनाए गए गंगावन का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि गंगावन में अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगे हुए थे। फल फूल और औषधि के पौधों से गंगावन महक रहा था।
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इस प्रोजेक्ट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने सराहनीय और प्रदेशभर में एक अनूठी पहल बताया। उन्होंने गंगावन में निरीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट पर बेहतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के सभी ग्रामों में इस प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। गंगा किनारे के सभी जिलों में वन गांव भी सरकार की ओर से बनाए जाएंगे।
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वाटिकाएं देख हो गए गदगद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर गंगावन में वाटिकाएं देखकर गदगद हो गए। उन्होंने देखा कि यहां हरि उपवन काफी आकर्षण था। इसके अलावा तुलसी वन भी महक रहा था। अध्यक्ष ने सभी उपवनों को व्यवस्थित रूप से पोषित रखने के निर्देश दिए।
रोपा मौलश्री का पौधा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर ने गंगावन में मौलश्री का एक पौधा रोपित किया। मौलश्री एक औषधीय पौधा है। सदियों से इसका उपयोग आयुर्वेद में होता आ रहा है। इसके चमकीले हरे पत्ते वृक्ष की सुंदरता को बढ़ा देते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर गंगावन में वाटिकाएं देखकर गदगद हो गए। उन्होंने देखा कि यहां हरि उपवन काफी आकर्षण था। इसके अलावा तुलसी वन भी महक रहा था। अध्यक्ष ने सभी उपवनों को व्यवस्थित रूप से पोषित रखने के निर्देश दिए।
रोपा मौलश्री का पौधा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर ने गंगावन में मौलश्री का एक पौधा रोपित किया। मौलश्री एक औषधीय पौधा है। सदियों से इसका उपयोग आयुर्वेद में होता आ रहा है। इसके चमकीले हरे पत्ते वृक्ष की सुंदरता को बढ़ा देते हैं।
ये अधिकारी रहे मौजूद
गंगावन के निरीक्षण के दौरान जेपीएस राठौर के साथ जिलाधिकारी सीपी सिंह, पुलिस अधीक्षक सुशील घुले, वन अधिकारी डॉ. दिवाकर वशिष्ठ भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने गंगावन के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को गहनता से बताया।
आंकड़े की नजर से
- 1.1 लाख गंगावन में रोपे गए थे।
- 16 हजार पौधों की संख्या गंगावन में बढ़ी।
- 1.17 हजार पौधे गंगावन में हो रहे पोषित।
गंगावन के निरीक्षण के दौरान जेपीएस राठौर के साथ जिलाधिकारी सीपी सिंह, पुलिस अधीक्षक सुशील घुले, वन अधिकारी डॉ. दिवाकर वशिष्ठ भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने गंगावन के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को गहनता से बताया।
आंकड़े की नजर से
- 1.1 लाख गंगावन में रोपे गए थे।
- 16 हजार पौधों की संख्या गंगावन में बढ़ी।
- 1.17 हजार पौधे गंगावन में हो रहे पोषित।