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जज्बे को सलाम: मददगार बने दो सिपाही, बहू से झगड़कर यमुना में कूदी महिला की जान बचाई
Wed, 04 Sep 2019 11:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 04 Sep 2019 11:18 AM IST
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महिला की जान बचाने वाले सिपाही, इंसेट में महिला
- फोटो : अमर उजाला
एत्माद्दौला थाना में तैनात सिपाही सर्वेश और सुखवीर ने मंगलवार सुबह नदी में डूबती महिला सावित्री देवी की जान बचा ली। सावित्री ने नदी में छलांग लगाई थी। संयोग से सुखवीर और सर्वेश वहां से गुजर रहे थे। सावित्री को डूबती देख दोनों बाइक से दौड़े। नदी के पास ही रहने वाले गोताखोर बिस्सा को लाए। खुद भी नदी में उतर गए।
बिस्सा ने सावित्री को डूबने से बचाया। सिपाही किनारे तक लाए। इसके बाद उसे अस्पताल भी ले गए। हाथरस के सादाबाद की रहने वाली सावित्री (50) सुबह आठ बजे एत्माद्दौला के यमुना नदी के पुल पर खड़ी थी। चीता मोबाइल के सिपाही सुखवीर और सर्वेश उधर से बाइक पर गुजर रहे थे।
उनके सामने ही सावित्री ने छलांग लगा दी। सुखवीर और सर्वेश ने पहले तो यह समझदारी दिखाई कि तुरंत भागकर बिस्सा के घर गए। वह बाहर ही खड़ा था। उसका घर नदी किनारे पर ही है। वह गोताखोर है। कई लोगों की जान बचा चुका है। उसे लेकर सिपाही पुल पर आए।
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बिस्सा ने सावित्री को डूबने से बचाया। सिपाही किनारे तक लाए। इसके बाद उसे अस्पताल भी ले गए। हाथरस के सादाबाद की रहने वाली सावित्री (50) सुबह आठ बजे एत्माद्दौला के यमुना नदी के पुल पर खड़ी थी। चीता मोबाइल के सिपाही सुखवीर और सर्वेश उधर से बाइक पर गुजर रहे थे।
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उनके सामने ही सावित्री ने छलांग लगा दी। सुखवीर और सर्वेश ने पहले तो यह समझदारी दिखाई कि तुरंत भागकर बिस्सा के घर गए। वह बाहर ही खड़ा था। उसका घर नदी किनारे पर ही है। वह गोताखोर है। कई लोगों की जान बचा चुका है। उसे लेकर सिपाही पुल पर आए।
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सावित्री बहकर पुल से दो किमी. दूर जा चुकी थी। वह मेहताब बाग की तरफ बह रही थी। सिपाही बिस्सा को उसी तरफ ले गए। बिस्सा ने वहीं से छलांग लगाई और सावित्री को निकालकर ले आया।
उधर किनारे की तरफ से दोनों सिपाही नदी में उतर चुके थे। सावित्री के बाहर आते ही उसे ऑटो से अस्पताल ले गए। वहां भर्ती कराया और उसके परिवारीजनों को सूचना दी।
बहू से हुआ था झगड़ा
आगरा। सावित्री ने होश में आने पर बताया कि उनका बहू से झगड़ा हुआ था। इस कारण जान देने की सोची। रात में ही घर से निकल आई। जब कूद गई, तब पछतावा हुआ, इसलिए मदद के लिए बचाओ बचाओ चिल्लाईं।
उधर किनारे की तरफ से दोनों सिपाही नदी में उतर चुके थे। सावित्री के बाहर आते ही उसे ऑटो से अस्पताल ले गए। वहां भर्ती कराया और उसके परिवारीजनों को सूचना दी।
बहू से हुआ था झगड़ा
आगरा। सावित्री ने होश में आने पर बताया कि उनका बहू से झगड़ा हुआ था। इस कारण जान देने की सोची। रात में ही घर से निकल आई। जब कूद गई, तब पछतावा हुआ, इसलिए मदद के लिए बचाओ बचाओ चिल्लाईं।