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यूपी पुलिस के एक और सिपाही ने की आत्महत्या, थाने के पास कमरे में लटका मिला शव
Tue, 27 Aug 2019 12:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 27 Aug 2019 12:13 AM IST
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जितेंद्र सिंह फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कागारौल थाने में तैनात हेड मोहर्रिर जितेंद्र सिंह (52) ने सोमवार सुबह खुदकुशी कर ली। वह थाने के सामने ही किराये पर एक कमरे में रहते थे। कमरे में उनका शव फंदे से लटकता मिला।
पुलिस प्रथम दृष्टया तनाव में आकर यह कदम उठाने की आशंका जाहिर कर रही है। हालांकि तनाव की वजह सामने नहीं आई है, न ही सुसाइड नोट मिला है। परिवारीजनों ने जितेंद्र के तनाव में होने की बात से इंकार किया है। हालांकि 11 महीने पहले 17 सितंबर, 2018 को भी उन्होंने इसी कमरे में आत्महत्या का प्रयास किया था। तब रस्सी टूट जाने से जान बच गई थी।
मूलरूप से अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर स्थित गांव सैपुर निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र घनश्याम सिंह 1992 बैच के सिपाही थी। वह 15 अक्तूबर, 2017 से थाना कागारौल में तैनात थे। इससे पहले वह खेरागढ़ थाने में थे। परिवार आगरा में आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ में रहता है।
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पुलिस प्रथम दृष्टया तनाव में आकर यह कदम उठाने की आशंका जाहिर कर रही है। हालांकि तनाव की वजह सामने नहीं आई है, न ही सुसाइड नोट मिला है। परिवारीजनों ने जितेंद्र के तनाव में होने की बात से इंकार किया है। हालांकि 11 महीने पहले 17 सितंबर, 2018 को भी उन्होंने इसी कमरे में आत्महत्या का प्रयास किया था। तब रस्सी टूट जाने से जान बच गई थी।
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मूलरूप से अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर स्थित गांव सैपुर निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र घनश्याम सिंह 1992 बैच के सिपाही थी। वह 15 अक्तूबर, 2017 से थाना कागारौल में तैनात थे। इससे पहले वह खेरागढ़ थाने में थे। परिवार आगरा में आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ में रहता है।
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थाना प्रभारी ने बताया कि जितेंद्र सिंह ने रात्रि ड्यूटी की थी। सोमवार तड़के 5:30 बजे वह कंट्रोल रूम में अपराध संख्या नोट कराने के बाद अपने कमरे पर चले गए। सुबह तकरीबन 7:45 बजे सिपाही राहुल कमरे पर आया। कमरे पर शटर था। वह आधा खुला हुआ था।
राहुल ने शटर खोला तो जितेंद्र सिंह रस्सी से पंखे पर बने फांसी के फंदे से लटके थे। पुलिस जितेंद्र को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें मृत बताया गया। एसपी ग्रामीण पश्चिमी रवि कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना (हैंगिंग) आया है। तनाव में यह कदम उठाने की आशंका है। 17 सितंबर, 2018 को भी जितेंद्र सिंह ने फांसी लगा ली थी। मगर, रस्सी टूटने से जान बच गई थी। जांच की जा रही है। परिजनों से भी जानकारी की जाएगी।
राहुल ने शटर खोला तो जितेंद्र सिंह रस्सी से पंखे पर बने फांसी के फंदे से लटके थे। पुलिस जितेंद्र को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें मृत बताया गया। एसपी ग्रामीण पश्चिमी रवि कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना (हैंगिंग) आया है। तनाव में यह कदम उठाने की आशंका है। 17 सितंबर, 2018 को भी जितेंद्र सिंह ने फांसी लगा ली थी। मगर, रस्सी टूटने से जान बच गई थी। जांच की जा रही है। परिजनों से भी जानकारी की जाएगी।