UP Nikay Chunav 2023: 78 साल की उम्र में 97 बार हार चुके चुनाव, हसनुराम एक बार फिर से चुनावी मैदान में
जीतने की जिद कहें या फिर हारने की खुमारी। हसनुराम की हिम्मत का जवाब नहीं है। 97 बार चुनाव हार चुके हसनुराम ने इस बार खेरागढ़ तहसील पर नगर पंचायत खेरागड़ से अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने की तैयारी शुरू कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। प्रत्याशी दल बल के साथ चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। इधर 97 बार चुनाव लड़ चुके खेरागढ़ ब्लॉक के गांव नगला दुल्हे खां निवासी 78 साल के हसनुराम अम्बेडकरी धोतीकुर्ता पहन साइकिल से नामांकन खरीदने पहुंचे। खेरागढ़ तहसील पर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम अनिल कुमार सिंह से नामांकन पत्र खरीदा है।
अनोखा कीर्तमान बनाना चाहते हैं हसनुराम
खैरागढ़ ब्लॉक के गांव नगला दूल्हे खां निवासी हसनुराम ने बताया कि वे वर्ष 1985 से चुनाव लड़ रहे हैं। जिसमें विधानसभा, लोकसभा, एमएलसी, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, नगर पंचायत, प्रधान, क्रय विक्रय, पार्षद के पद शामिल हैं।
ये भी पढ़ें - Taj Mahal: पारा 40 डिग्री के हुआ पार, ताजमहल में संगमरमर दहका...; बेहोश हुई मॉडल
साइकिल से करते हैं चुनाव प्रचार
सभी चुनाव हार कर चुनाव हार का अनोखा कीर्तिमान बनाने में जुटे हसनुराम अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी साधन के मोहताज नहीं हैं। वह अपनी साइकिल से ही चुनाव प्रचार के लिए निकल जाते हैं। उन्होंने बताया आज तक चुनाव प्रचार में एक रुपया भी खर्च नहीं किया है।
ये भी पढ़ें - UP Nikay Chunav 2023: आगरा से कौन होगा भाजपा का मेयर प्रत्याशी? गोपनीय बैठक में दिए गए तीन नाम
तहसील में अमीन थे हसनुराम
हसनुराम ने बताया कि वे तहसील में अमीन थे। उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा हुई तो उन्होंने एक पार्टी से टिकट मांगा। हसनुराम ने बताया कि टिकट तो मिला नहीं, वहां उनका मजाक उड़ाया गया कि घर से भी कोई वोट नहीं देगा। इसके बाद वे 1985 से चुनाव तैयारियों में जुट गए और हर चुनाव को लड़ते आ रहे हैं। इतना ही नहीं हसनुराम ने राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन किया था, लेकिन पर्चा निरस्त हो गया था।
ये भी पढ़ें - Nikay Chunav 2023: आगरा से मेयर के लिए ये हैं प्रमुख दावेदार, BJP की पूर्व विधायक संग जानें किसने खरीदा पर्चा
साधारण जीवन कर रहे व्यतीत
हसनुराम का गांव नगला दूल्हा खां में दो कमरों का मकान है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। गांव में ही मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके बेटे दूर शहर में मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें - UP Nikay Chunav 2023: आगरा में इस दफा टूट जाएगी ग्रीन और नवीन की जुगलबंदी, पांच साल खूब रही चर्चा