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UP Nikay Chunav 2023: आगरा में इस दफा टूट जाएगी ग्रीन और नवीन की जुगलबंदी, पांच साल खूब रही चर्चा
Thu, 13 Apr 2023 09:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 13 Apr 2023 09:24 AM IST
सार
पांच साल ग्रीन आगरा, नवीन आगरा का स्लोगन खूब चर्चा में रहा, लेकिन आरक्षण बदलने से इस दफा ग्रीन और नवीन की जुगलबंदी टूट जाएगी।
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आगरा नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा निकाय चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गए हैं। इस दफा मेयर कोई भी बने, पांच साल चर्चा में रहे शहर के स्लोगन से ग्रीन और नवीन की जुगलबंदी टूट जाएगी। मेयर का आरक्षण बदलने के बाद से यह लगभग तय हो गया है। यह पद अबकी अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में ग्रीन या क्लीन के नवीन की जुगलबंदी वाला मेयर मिलना मुश्किल ही है। इस स्थिति में शहर ग्रीन आगरा, क्लीन आगरा के स्लोगन पर फिर लौट आएगा। ऐसा शहरी भी मानते हैं।
निकायों में आगरा का स्लोगन चर्चित रहा है। अमूमन देश के किसी भी निकाय में ग्रीन और क्लीन की जुगलबंदी होती है। आगरा में भी पहले ऐसा था। नवीन जैन के मेयर बनने के बाद यहां का स्लोगन बदल गया। यहां क्लीन की जगह नवीन हो गया। पूरे शहर में जगह-जगह बड़ी तादाद में रखे छोटे-बड़े गमलों, दीवारों, साइन बोर्ड, बिजली के डिस्प्ले बोर्ड पर अब भी ग्रीन आगरा, नवीन आगरा या सिर्फ नवीन आगरा दर्ज है। पांच साल से यही स्लोगन शहर की पहचान बना हुआ है।
शहर में देश के हर हिस्से के अलावा दुनिया भर से पर्यटक आते हैं। इनके लिए नवीन से मतलब पुराने शहर के साथ नयेपन से रहा। मेयर नवीन जैन के बारे में न जानने वाले यही मानकर यहां से विदा हुए। अब चुनाव बाद यह स्लाेगन नहीं दिखेगा। ऐसा शहर के लोग भी कहते हैं। सिकंदरा में रहने वाले सुनील दुबे का कहना है कि मेयर सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में नए मेयर के नाम के साथ ग्रीन या क्लीन की जुगलबंदी बैठ पाना मुश्किल है। इससे इस स्लाेगन का रंग उतर ही जाएगा।
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खंदारी के मोहसिन का कहना है कि चुनाव के बाद शहर का अपने ग्रीन और क्लीन के स्लोगन पर लौटना लगभग तय है। नया मेयर किसी भी पार्टी का हो वो पुराने मेयर का नाम शहर की पहचान वाले स्लोगन में शामिल नहीं रखेगा। उसका नाम जुगलबंदी में सटीक नहीं बैठेगा तो पुराने पर आ जाएगा। ऐसे में ये स्लोगन तो चुनाव बाद शहर में नहीं दिखेगा।
ये भी पढ़ें - Nikay Chunav 2023: आगरा से मेयर के लिए ये हैं प्रमुख दावेदार, BJP की पूर्व विधायक संग जानें किसने खरीदा पर्चा
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निकायों में आगरा का स्लोगन चर्चित रहा है। अमूमन देश के किसी भी निकाय में ग्रीन और क्लीन की जुगलबंदी होती है। आगरा में भी पहले ऐसा था। नवीन जैन के मेयर बनने के बाद यहां का स्लोगन बदल गया। यहां क्लीन की जगह नवीन हो गया। पूरे शहर में जगह-जगह बड़ी तादाद में रखे छोटे-बड़े गमलों, दीवारों, साइन बोर्ड, बिजली के डिस्प्ले बोर्ड पर अब भी ग्रीन आगरा, नवीन आगरा या सिर्फ नवीन आगरा दर्ज है। पांच साल से यही स्लोगन शहर की पहचान बना हुआ है।
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शहर में देश के हर हिस्से के अलावा दुनिया भर से पर्यटक आते हैं। इनके लिए नवीन से मतलब पुराने शहर के साथ नयेपन से रहा। मेयर नवीन जैन के बारे में न जानने वाले यही मानकर यहां से विदा हुए। अब चुनाव बाद यह स्लाेगन नहीं दिखेगा। ऐसा शहर के लोग भी कहते हैं। सिकंदरा में रहने वाले सुनील दुबे का कहना है कि मेयर सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में नए मेयर के नाम के साथ ग्रीन या क्लीन की जुगलबंदी बैठ पाना मुश्किल है। इससे इस स्लाेगन का रंग उतर ही जाएगा।
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खंदारी के मोहसिन का कहना है कि चुनाव के बाद शहर का अपने ग्रीन और क्लीन के स्लोगन पर लौटना लगभग तय है। नया मेयर किसी भी पार्टी का हो वो पुराने मेयर का नाम शहर की पहचान वाले स्लोगन में शामिल नहीं रखेगा। उसका नाम जुगलबंदी में सटीक नहीं बैठेगा तो पुराने पर आ जाएगा। ऐसे में ये स्लोगन तो चुनाव बाद शहर में नहीं दिखेगा।
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