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एंबुलेंस चालकों की हड़ताल गरीब पिता को पड़ी 'महंगी', बीमार बेटी को ऐसे ले गया अस्पताल
Tue, 24 Sep 2019 12:02 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 24 Sep 2019 12:02 AM IST
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हड़ताल पर बैठे 102, 108 एंबुलेंस के चालक
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी एंबुलेंस सेवा 108 और 102 के चालकों की हड़ताल सोमवार को कासगंज की एक मरीज को बहुत महंगी पड़ी। गंभीर बीमार बेटी किशोरी को अलीगढ़ ले जाने के लिए गरीब पिता एंबुलेंस चालक से मिन्नतें करता रहा, लेकिन चालक का दिल नहीं पसीजा। मजबूरन प्राइवेट एंबुलेंस से उसे अलीगढ़ ले जाया गया।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे दरियावगंज के गांव नगला कच्छ निवासी रक्षपाल अपनी 14 साल की बेटी धनवती को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे थे। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को बताया कि वो सुबह से ही 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। निजी साधन से यहां आए हैं।
चिकित्सकों ने जांच की तो पाया कि धनवती को चेस्ट इंफेक्शन होने के कारण तेज बुखार है। उसकी हालत गंभीर बताकर उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। रक्षपाल ने 108 एंबुलेंस को भी कॉल किया। बताया कि कॉल तो रिसीव हुई, लेकिन एंबुलेंस चालकों ने मरीज ले जाने से मना कर दिया। मजबूरन कर्ज लेकर निजी एंबुलेंस से बेटी को अलीगढ़ ले गया।
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सोमवार सुबह करीब नौ बजे दरियावगंज के गांव नगला कच्छ निवासी रक्षपाल अपनी 14 साल की बेटी धनवती को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे थे। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को बताया कि वो सुबह से ही 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। निजी साधन से यहां आए हैं।
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चिकित्सकों ने जांच की तो पाया कि धनवती को चेस्ट इंफेक्शन होने के कारण तेज बुखार है। उसकी हालत गंभीर बताकर उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। रक्षपाल ने 108 एंबुलेंस को भी कॉल किया। बताया कि कॉल तो रिसीव हुई, लेकिन एंबुलेंस चालकों ने मरीज ले जाने से मना कर दिया। मजबूरन कर्ज लेकर निजी एंबुलेंस से बेटी को अलीगढ़ ले गया।
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सीने में था इंफेक्शन
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ राजकिशोर ने बताया कि किशोरी को सीने में इंफेक्शन होने के कारण उसे रेफर किया है। उसका पिता काफी देर तक एंबुलेंस के लिए भटकता रहा। दोपहर को वो निजी एंबुलेंस के जरिए मरीज को अलीगढ़ ले गया है।
एंबुलेंस सेवा के कार्यक्रम प्रबंधक अनुराग कुमार ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला है कि मरीज को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की जरूरत थी। सिर्फ दो एएलएस एंबुलेंस हैं जो वीआईपी ड्यूटी पर थीं। 108 के चालकों ने बताया कि लखनऊ से साधारण एंबुलेंस से इस तरह के मरीज को ले जाने के लिए कोई कॉल नहीं आई।
एंबुलेंस सेवा के कार्यक्रम प्रबंधक अनुराग कुमार ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला है कि मरीज को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की जरूरत थी। सिर्फ दो एएलएस एंबुलेंस हैं जो वीआईपी ड्यूटी पर थीं। 108 के चालकों ने बताया कि लखनऊ से साधारण एंबुलेंस से इस तरह के मरीज को ले जाने के लिए कोई कॉल नहीं आई।