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खुशखबरः क्लस्टर बनाकर एक हजार जूता कारखानों को दिया जाएगा काम
Mon, 12 Oct 2020 01:48 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 12 Oct 2020 01:48 PM IST
सार
योजना में जूता कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। क्लस्टर के लिए देवरी रोड पर दो बीघा जमीन चिह्नित की जा चुकी है। एक साल के अंदर परियोजना के पूरा होने की संभावना है।
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जूता उद्योग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने क्लस्टर बनाकर ताजनगरी के एक हजार जूता कारखानों को काम दिलाने की योजना बनाई है। पुलिस, पीएसी और सरकारी स्कूलों के लिए जूते बनाने का काम इन कारखानों को दिया जाएगा। योजना में जूता कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। क्लस्टर के लिए देवरी रोड पर दो बीघा जमीन चिह्नित की जा चुकी है। एक साल के अंदर परियोजना के पूरा होने की संभावना है।
‘एक जिला-एक उत्पाद’ पांच करोड़ की इस परियोजना को प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना में 90 फीसद सरकारी और 10 फीसद कारोबारियों का निवेश होगा। देवरी रोड में प्रशिक्षण केंद्र के अलावा जूतों का निर्माण होगा। जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष भरत सिंह ने बताया कि इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। कोरोना काल में काम नहीं मिल रहा। इस योजना से बंद बड़े कारखाने खुल जाएंगे। एक साल में यह पूरी होने की उम्मीद है।
लेमको से अलग होगी योजना
यह योजना करीब 20 साल पूर्व बंद हो चुकी उत्तर प्रदेश चर्म विकास विपणन निगम (लेमको) से अलग होगी। कारण लेमको सरकार संचालित थी और ये निजी हाथों में होगी।
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‘एक जिला-एक उत्पाद’ पांच करोड़ की इस परियोजना को प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना में 90 फीसद सरकारी और 10 फीसद कारोबारियों का निवेश होगा। देवरी रोड में प्रशिक्षण केंद्र के अलावा जूतों का निर्माण होगा। जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष भरत सिंह ने बताया कि इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। कोरोना काल में काम नहीं मिल रहा। इस योजना से बंद बड़े कारखाने खुल जाएंगे। एक साल में यह पूरी होने की उम्मीद है।
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लेमको से अलग होगी योजना
यह योजना करीब 20 साल पूर्व बंद हो चुकी उत्तर प्रदेश चर्म विकास विपणन निगम (लेमको) से अलग होगी। कारण लेमको सरकार संचालित थी और ये निजी हाथों में होगी।
आगरा के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा
‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत आगरा के उत्पादों को मुख्यधारा में लाना मकसद है। इसके तहत जूता क्लस्टर बनाने की भी योजना है। जिससे कारखानेदारों को काम मिल सके। आगरा के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। -जे रीभा, सीडीओ
अभी तो खाली बैठना पड़ता है
इसमें सभी तरह के सरकारी विभाग और स्कूल के जूते बनने से सालभर काम मिलता रहेगा। मौजूदा हालातों में 6 माह तक खाली बैठना पड़ जाता है। -रमन लाल, कारखानेदार
इस परियोजना से काफी राहत मिलेगी। इससे जुड़कर ही आर्डर मिल जाया करेंगे। अभी तक दूसरों के यहां काम मांगने जाना पड़ता है । -शशि कपूर, कारखानेदार
‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत आगरा के उत्पादों को मुख्यधारा में लाना मकसद है। इसके तहत जूता क्लस्टर बनाने की भी योजना है। जिससे कारखानेदारों को काम मिल सके। आगरा के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। -जे रीभा, सीडीओ
अभी तो खाली बैठना पड़ता है
इसमें सभी तरह के सरकारी विभाग और स्कूल के जूते बनने से सालभर काम मिलता रहेगा। मौजूदा हालातों में 6 माह तक खाली बैठना पड़ जाता है। -रमन लाल, कारखानेदार
इस परियोजना से काफी राहत मिलेगी। इससे जुड़कर ही आर्डर मिल जाया करेंगे। अभी तक दूसरों के यहां काम मांगने जाना पड़ता है । -शशि कपूर, कारखानेदार