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UP: 12 एकड़ जमीन और प्रतिवर्ष 15 से 17 लाख की कमाई, इस किसान ने बदला फार्मिंग का तरीका; जमकर हो रही धनवर्षा
Tue, 21 Apr 2026 01:16 PM IST
Dhirendra Singh
अनंत मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
अनंत मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:16 PM IST
सार
एटा के किसान जयंत मिश्रा ने पारंपरिक खेती छोड़कर मल्टी लेयर फार्मिंग अपनाई और सालाना 15–17 लाख रुपये की कमाई हासिल की। आधुनिक तकनीक से उन्होंने खेती को फायदे का सौदा बनाकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा पेश की है।
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युवा किसान जयंत मिश्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
एटा के विकासखंड अलीगंज क्षेत्र के ग्राम बिल्सड़ पुवायां से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे जिले के किसानों के लिए नई दिशा तय कर दी है। यहां के युवा किसान जयंत मिश्रा ने परंपरागत खेती के दायरे से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीक को अपनाया और वर्तमान में 15 लाख रुपये की आय का रास्ता तैयार किया है।
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कभी गेहूं, सरसों और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने वाले जयंत मिश्रा ने बढ़ते घाटे और लागत से परेशान होकर खेती के तौर-तरीकों को बदलने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने सबसे पहले 50 बीघा भूमि पर आंवला का बाग लगाकर नई शुरुआत की। मेहनत और धैर्य का परिणाम यह रहा कि आज उनकी फसल को देश की नामी कंपनियां खरीद रही हैं। उन्हें हर साल फसल के अनुसार 15 से 17 लाख रुपये आमदनी हो रही है।
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शुरू की हाई एंड सिटी मल्टी लेयर फार्मिंगः
उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए 12 एकड़ भूमि पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से हाई-एंड सिटी मल्टी लेयर फार्मिंग शुरू की है। इस तकनीक में नींबू, अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, पपीता जैसी कई फसलें एक साथ वैज्ञानिक तरीके से उगाई जा रही हैं। इसके उत्पाद देश के बड़े शहरों मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और बेंगलुरु तक पहुंचाए जाएंगे जिससे किसानों को बेहतर बाजार और सही कीमत मिल सकेगी। जयंत मिश्रा का मानना है कि अगर किसान खेती को घाटे का सौदा मानना बंद कर इसे व्यवसाय के रूप में अपनाएं और नई तकनीकों का उपयोग करें, तो वे न केवल खुद समृद्ध बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए 12 एकड़ भूमि पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से हाई-एंड सिटी मल्टी लेयर फार्मिंग शुरू की है। इस तकनीक में नींबू, अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, पपीता जैसी कई फसलें एक साथ वैज्ञानिक तरीके से उगाई जा रही हैं। इसके उत्पाद देश के बड़े शहरों मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और बेंगलुरु तक पहुंचाए जाएंगे जिससे किसानों को बेहतर बाजार और सही कीमत मिल सकेगी। जयंत मिश्रा का मानना है कि अगर किसान खेती को घाटे का सौदा मानना बंद कर इसे व्यवसाय के रूप में अपनाएं और नई तकनीकों का उपयोग करें, तो वे न केवल खुद समृद्ध बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
अन्य किसानों को भी मिल रही प्रेरणाः
जयतं मिश्रा ने बताया कि यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनना चाहते हैं, तो उन्हें परंपरागत खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मल्टी लेयर फार्मिंग जैसे मॉडल छोटे और बड़े दोनों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।
जयतं मिश्रा ने बताया कि यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनना चाहते हैं, तो उन्हें परंपरागत खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मल्टी लेयर फार्मिंग जैसे मॉडल छोटे और बड़े दोनों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।