UP Election 2022: मथुरा जिले में 62.90 प्रतिशत मतदाताओं ने डाले वोट, जानिए विधानसभावार प्रतिशत
मथुरा जिले में मतदाताओं ने गुरुवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले। जिले में कुल मतदान 62 प्रतिशत से अधिक हुआ है। गोवर्धन विधानसभा में 66.75 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के प्रथम चरण में गुरुवार को मथुरा जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों के लिए मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मतदाताओं ने सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले। जिले में कुल मतदान 62 प्रतिशत से अधिक हुआ। सबसे अधिक मतदान मांट विधानसभा में हुआ। सबसे कम मथुरा में वोट पड़े हैं।
मथुरा कुल 62.90 प्रतिशत मतदान
- विधानसभा छाता: 64.55
- विधानसभा मांट: 65.10
- विधानसभा गोवर्धन: 66.75
- विधानसभा मथुरा: 57.33
- विधानसभा बल्देव: 62.66
- कुल मतदान प्रतिशत: 62.90
मतदान से एक घंटा पहले कर्मचारी और पोलिंग एजेंटों ने मॉक पोल किया। इसमें 74 बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट खराब ने काम नहीं किया। कई पोलिंग बूथों पर ऐसी शिकायतें आईं। अफसरों को आनन-फानन अतिरिक्त मशीनों की व्यवस्था करनी पड़ी। संबंधित बूथों पर मतदान शुरूआती दौर में बाधित रहा। मतदान की प्रक्रिया देरी से शुरू हुई।
मथुरा जिले में ऐसे बढ़ा मतदान प्रतिशत
सुबह 9 बजे तक 8.36 प्रतिशत मतदान- छाता विधानसभा 9.25 प्रतिशत
- मांट विसभा 9.25
- गोवर्धन विसभा 9.6
- मथुरा विसभा 6.5
- बलदेव विसभा 7.2
- विधानसभा छाता: 22.35
- विधानसभा मांट: 21.15
- विधानसभा गोवर्धन: 24.75
- विधानसभा मथुरा: 15.60
- विधानसभा बल्देव: 19.80
- विधानसभा छाता: 39.85
- विधानसभा मांट: 38.10
- विधानसभा गोवर्धन: 38.12
- विधानसभा मथुरा: 30.55
- विधानसभा बल्देव: 34.70
- कुल मतदान प्रतिशत: 35.92
- विधानसभा छाता: 49.05
- विधानसभा मांट: 49.50
- विधानसभा गोवर्धन: 52.90
- विधानसभा मथुरा: 45.30
- विधानसभा बल्देव: 49.10
- कुल मतदान प्रतिशत: 48.91
- विधानसभा छाता: 60.80
- विधानसभा मांट: 57.80
- विधानसभा गोवर्धन: 63.98
- विधानसभा मथुरा: 52.75
- विधानसभा बल्देव: 57.20
- कुल मतदान प्रतिशत: 58.12
कहीं कट गया वोट तो कहीं पर्ची ही नहीं बन सकी
प्रशासन द्वारा पूरे वर्ष वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कर मतदाताओं के नाम बढ़ाने की कवायद की गई थी। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्रवार बीएलओ भी नियुक्त किए गए थे। बीएलओ द्वारा कैंप लगाकर मतदाताओं के नाम बढ़ाने संबंधी दावे भी किए गए थे, लेकिन बृहस्पतिवार को जैसे ही मतदाता घरों से निकलकर वोट डालने मतदान केंद्रों तक पहुंचे, उनके वोट वोटर लिस्ट से गायब मिले। इनमें कुछ मतदाताओं ने ऑनलाइन वोटर कार्ड भी बनवाए थे। उनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिए गए। वोटर लिस्ट में नाम डिलीट किए जाने संबंधी जानकारी उक्त मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर मौजूद मतदानकर्मियों ने दी।