Karhal By Election Result: करहल को बनाकर सीढ़ी, विधानसभा पहुंची सैफई की तीसरी पीढ़ी, चाचा की जगह करेंगे सियासत
सैफई परिवार की तीसरी पीढ़ी करहल के रास्ते अब उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंच गई है। इससे पहले सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव पहली पीढ़ी के रूप में विधानसभा पहुंचे थे।
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करहल को सीढ़ी बनाकर सैफई परिवार की तीसरी पीढ़ी विधानसभा पहुंच गई। मुलायम सिंह यादव के पौत्र तेजप्रताप यादव उर्फ तेजू सियासत के सबसे बड़े कुनबे का प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश की विधानसभा में करेंगे। इससे पहले खुद मुलायम, उनके भाई शिवपाल और अखिलेश यादव विधायक बनकर विधानसभा पहुंच चुके हैं।
सैफई परिवार को सियासत का सबसे बड़ा कुनबा ऐसे ही नहीं कहा जाता है। वर्तमान में सैफई परिवार से कुल छह सांसद आते हैं। इसमें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कन्नौज से, डिंपल यादव मैनपुरी से, धर्मेंद्र यादव आजमगढ़ से, अक्षय यादव फिरोजाबाद से और आदित्य यादव बदायूं से लोकसभा सदस्य हैं। वहीं प्रो. रामगोपाल यादव राज्यसभा सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में भी सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव बतौर विधायक शामिल हैं।
शनिवार को आए करहल उप चुनाव के परिणाम के बाद सियासत के इस सबसे बड़े कुनबे के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सैफई परिवार की तीसरी पीढ़ी करहल के रास्ते अब उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंच गई है। इससे पहले सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव पहली पीढ़ी के रूप में विधानसभा पहुंचे थे। दूसरी पीढ़ी के रूप में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा में सैफई परिवार का प्रतिनिधित्व किया। अब मुलायम के पौत्र और अखिलेश यादव के भतीजे तेजप्रताप यादव उर्फ तेजू तीसरी पीढ़ी के रूप में विधानसभा में मौजूद रहकर सपा का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संसद पहुंच चुकी हैं मुलायम की तीन पीढ़ियां
लोकतंत्र का मंदिर कही जाने वाली संसद में भी सैफई परिवार और मुलायम की तीन पीढ़ियां पहुंच चुकी हैं। इसमें मुलायम सिंह यादव बाद दूसरी पीढ़ी के रूप में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव और आदित्य यादव संसद पहुंच चुके हैं। वहीं 2014 में मैनपुरी सीट पर हुए उप चुनाव में जीतकर सैफई परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में तेजप्रताप यादव संसद पहुंचे थे।
बाबा की संभाली विरासत, अब चाचा की जगह सियासत
तेजप्रताप अपने परिवार में सबसे छोटे हैं। ऐसे में उन्हें सबका आशीर्वाद मिलता रहा है। बाबा मुलायम सिंह यादव ने 2014 में जब मैनपुरी लोकसभा सीट से इस्तीफा दिया तो उन्होंने अपने पौत्र तेजप्रताप यादव को चुनाव लड़ाया। वहीं 2024 में अखिलेश यादव ने जब करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया तो उन्होंने भी अपनी गद्दी भतीजे तेजप्रताप को ही सौंप दी। तेजप्रताप ने मैनपुरी लोकसभा सीट से उप चुनाव जीतकर बाबा की विरासत संभाली तो वहीं अब चाचा अखिलेश की सीट से विधायक बनकर सियासत करेंगे।