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खुलासाः कुएं से मिले आधार कार्ड से पकड़ा हत्यारोपी भतीजा, इसलिए की थी चाचा की हत्या
Sat, 29 Feb 2020 09:27 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 29 Feb 2020 09:27 AM IST
सार
23 फरवरी को सुधाकर का शव एक कुएं से बरामद हुआ था।
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पुलिस गिरफ्त में हत्या का आरोपी भतीजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में शाहगंज के पथौली में सेल्समैन सुधाकर शर्मा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मृतक के भतीजे निखिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चाचा के बिहार की युवती से शादी करने की वजह से भतीजा खफा था। उसे डर था कि शादी के बाद चाचा संपत्ति में हिस्सा मांगेंगे। इसलिए दोस्त के साथ मिलकर गला दबाकर चाचा की हत्या कर दी।
पथौली निवासी सुधाकर शर्मा पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा मथुरा की एक कंपनी में सेल्समैन थे। वह 28 जनवरी को लापता हो गए थे। सुधाकर के बड़े भाई दिवाकर की मौत हो गई थी। वह अपनी भाभी और भतीजों के साथ रहते थे। 23 फरवरी को सुधाकर का शव एक कुएं से बरामद हुआ था।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कुएं से सुधाकर शर्मा के भतीजे निखिल का आधार कार्ड बरामद हुआ था। इस पर निखिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने हत्या करना कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उनकी डेढ़ बीघा जमीन और मकान है।
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पथौली निवासी सुधाकर शर्मा पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा मथुरा की एक कंपनी में सेल्समैन थे। वह 28 जनवरी को लापता हो गए थे। सुधाकर के बड़े भाई दिवाकर की मौत हो गई थी। वह अपनी भाभी और भतीजों के साथ रहते थे। 23 फरवरी को सुधाकर का शव एक कुएं से बरामद हुआ था।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कुएं से सुधाकर शर्मा के भतीजे निखिल का आधार कार्ड बरामद हुआ था। इस पर निखिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने हत्या करना कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उनकी डेढ़ बीघा जमीन और मकान है।
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संपत्ति पर चाचा का भी आधा हिस्सा था। चाचा बिहार की दूसरी जाति की युवती से शादी करने वाले थे। घटना से दो दिन पहले ही बिहार होकर आए थे। इससे वह परेशान था। उसे डर था कि चाचा की शादी हो जाएगी तो वह मकान और जमीन से अपना हिस्सा ले लेंगे। बदनामी भी होगी। उसकी और भाई की शादी में अड़चन पैदा होगी।
इस पर उसने चाचा से शादी करने के लिए मना भी किया, लेकिन वह नहीं माने। बाद में निखिल ने चाचा की हत्या का प्लान बनाया। अपने दोस्त जीतू को एक लाख रुपये का लालच दिया। टहलने के बहाने दोनों सुधाकर को घर से बाहर ले गए। पथौली रेलवे स्टेशन से पहले चांदी वालों की बाउंड्री के पास ले जाकर सुधाकर के जीतू ने हाथ पकड़ लिए। इस दौरान निखिल ने गमछे से चाचा का गला दबा दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर शव को कुएं में डाल आए थे।
दो दिन बाद डाला था मोबाइल
पुलिस की पूछताछ में आरोपी निखिल ने बताया कि वह चाचा का मोबाइल ले आया था। हालांकि उसे बंद कर दिया था। दो दिन बाद मोबाइल ऑन किया, लेकिन उस पर मैसेज आने लगे। इस पर फिर से मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद कुएं में फेंक आया था।
एलएलबी का छात्र है आरोपी
चाचा की हत्या का आरोपी भतीजा निखिल कालिंदी विहार स्थित एक कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके पिता की दस साल पहले मौत हो गई थी। उसे चाचा की हत्या का अफसोस भी नहीं था।
इस पर उसने चाचा से शादी करने के लिए मना भी किया, लेकिन वह नहीं माने। बाद में निखिल ने चाचा की हत्या का प्लान बनाया। अपने दोस्त जीतू को एक लाख रुपये का लालच दिया। टहलने के बहाने दोनों सुधाकर को घर से बाहर ले गए। पथौली रेलवे स्टेशन से पहले चांदी वालों की बाउंड्री के पास ले जाकर सुधाकर के जीतू ने हाथ पकड़ लिए। इस दौरान निखिल ने गमछे से चाचा का गला दबा दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर शव को कुएं में डाल आए थे।
दो दिन बाद डाला था मोबाइल
पुलिस की पूछताछ में आरोपी निखिल ने बताया कि वह चाचा का मोबाइल ले आया था। हालांकि उसे बंद कर दिया था। दो दिन बाद मोबाइल ऑन किया, लेकिन उस पर मैसेज आने लगे। इस पर फिर से मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद कुएं में फेंक आया था।
एलएलबी का छात्र है आरोपी
चाचा की हत्या का आरोपी भतीजा निखिल कालिंदी विहार स्थित एक कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके पिता की दस साल पहले मौत हो गई थी। उसे चाचा की हत्या का अफसोस भी नहीं था।