{"_id":"621d1da2c5616358cf105b6c","slug":"ukraine-russian-war-mbbs-student-stucked-mainpuri-news-agr525766121","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहशत के बीच बंकर में अपनों का चेहरा देखना भी हुआ मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहशत के बीच बंकर में अपनों का चेहरा देखना भी हुआ मुश्किल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। यूक्रेन में फंसे जनपद के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। परिजन से हुई बात में छात्र-छात्राएं सहमे हुए नजर आ रहे हैं। दहशत के बीच छात्र-छात्राओं का यही कहना है कि किसी प्रकार से पीएमओ कार्यालय बात कर स्वदेश वापस बुला लो। सबसे अधिक मुसीबत तो छात्राओं के सामने हैं। यूक्रेन के लोग भी उनकी मदद नहीं कर रहे हैं।
कार्तिक बोला, सर मुझे भारत लाने की करो व्यवस्था
बेवर के मोहल्ला महाजन निवासी व्यापारी रामजी गुप्ता का बेटा कार्तिक गुप्ता यूक्रेन के शहर खारकीव में ही फंसा हुआ है। परिजनों से सोमवार की शाम हुई बात में कार्तिक ने परिजनों को बताया कि खारकीव में रूस की सेना का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तो यहां के स्थानीय लोग भी उन लोगों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। खाने-पीने का सामान भी समाप्त हो रहा है। हर रोज यह भरोसा दिया जाता है कि उसे बॉर्डर पर भेजा जाएगा लेकिन कोई राहत नहीं मिल पा रही है। कार्तिक के परिजन भी परेशान हैं। कार्तिक की एक मीडिया के साथी से बात हुई जिसमें कार्तिक बोला सर मुझे भारत लाने की व्यवस्था करा दो यहां हालात अच्छे नहीं हैं। 10 मीटर की दूरी पर धमाके हो रहे हैं।
----
कुरावली के राहुल के परिजन भी हो रहे परेशान
कुरावली। नगर के मोहल्ला फर्दखाना में निवास कर रहे फार्मासिस्ट सूरज पाल सिंह का पुत्र राहुल यूक्रेन के इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी जेनिफर सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। यूक्रेन पर रूस का हमला होने बाद वह वहीं फंसा हुआ है। राहुल ने पिता डॉ सूरजपाल को सोमवार को बताय कि उसके पास के ही भवन पर धमाका हुआ है। वह बंकर में है। बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही है।
विज्ञापन
----
दहशत के बीच उम्मीद की बस में बैठी स्नेहा
शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी देवेश यादव की पुत्री एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा यादव ल्वीव स्थित अपने हॉस्टल के बंकर में थी। रविवार की रात कॉलेज के बंकर में वह सो नहीं सकी। रात भर बंकर के बाहर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। सोमवार की शाम करीब 5:30 बजे स्नहो अपने 50 अन्य साथियों के साथ हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हुई। स्नेहा ने अपने नाना को बॉर्डर पर जाने की सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है।
आज रात बॉर्डर पर भेजने की है तैयारी
शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी नरेंद्र सिंह राठौर का पुत्र अवनीश राठौर यूक्रेन की राजधानी कीव में ही फंसा हुआ है। अवनीश ने अपने परिजनों को बताया कि कीव रात भर धमकों से गूंजता रहा। उसके आस-पास भी बम गिरने की आवाजें आती रहीं। वे लोग बंकर से बाहर नहीं निकले। स्कूल प्रशासन ने बताया कि उन लोगों को बॉर्डर पर भेजने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अवनीश ने बताया कि उसे सोमवार की रात बस से हंगरी बॉर्डर पर भेजने का भरोसा दिया गया है।
हॉस्टल के पास गिरा बम तो कांप गया कुशाग्र
करहल के सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशाग्र यादव यूक्रेन के ल्वीव शहर में ही फंसा हुआ है। सोमवार को कुशाग्र ने परिजनों को बताया कि ल्वीव में गोलाबारी लगातार जारी है। ऐसे में बंकर से बाहर निकलना मुश्किल दिख रहा है। रविवार की रात उसके हॉस्टल के पास ही बम गिरा। इतनी तेज आवाज हुई कि बंकर के सभी छात्र-छात्राएं भयभीत हो गए। स्कूल प्रशासन ने उन्हें हिम्मत बांधने को कहा। भरोसा दिया जा रहा है कि शीघ्र उन्हें हंगरी बॉर्डर पर भेजा जाएगा।
----
कोई नहीं कर रहा है सहयोग
करहल की अहिंसा कॉलोनी निवासी अनुपम यादव यूक्रेन की राजधानी कीव से 600 किमी दूरी पर स्थित अपने कॉलेज के हॉस्टल में ही फंसा हुआ है। सोमवार को परिजनों से हुई बात में अनुपम ने बताया कि कीव पर रूस लगातार हावी हो रहा है। यहां के क्षेत्रीय लोग भी हमलावर हो गए हैं। स्कूल प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि स्कूल प्रशसन बार-बार उन लोगों को किसी सुरक्षित बॉर्डर पर ले जाने का भरोसा दे रहा है। अनुपम ने परिजनों को बताया कि रविवार की रात उसके आस-पास के क्षेत्रों में काफी बमबारी होती रही। जिससे उसके साथी दहशत में हैं।
----
पीएमओ से की अपील, बेटी को लाओ वापस
कस्बा के सदर बाजार निवासी सतीश यादव की पौत्री कोयना भी यूक्रेन के ल्वीव शहर में फंसी हुई है। कोयना की सोमवार को परिजनों को बताया कि कॉलेज के बंकर के पास बम गिर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों से भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने दो दिन बाद हंगरी बॉर्डर भेजने की बात कही जा रही है। रूस का हमला तेज होता जा रहा है। ऐसे में दहशत और बढ़ रही है। कोयना के परिजनों ने पीएमओ से बेटी को वापस लाने की अपील की है।
विज्ञापन
कार्तिक बोला, सर मुझे भारत लाने की करो व्यवस्था
बेवर के मोहल्ला महाजन निवासी व्यापारी रामजी गुप्ता का बेटा कार्तिक गुप्ता यूक्रेन के शहर खारकीव में ही फंसा हुआ है। परिजनों से सोमवार की शाम हुई बात में कार्तिक ने परिजनों को बताया कि खारकीव में रूस की सेना का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तो यहां के स्थानीय लोग भी उन लोगों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। खाने-पीने का सामान भी समाप्त हो रहा है। हर रोज यह भरोसा दिया जाता है कि उसे बॉर्डर पर भेजा जाएगा लेकिन कोई राहत नहीं मिल पा रही है। कार्तिक के परिजन भी परेशान हैं। कार्तिक की एक मीडिया के साथी से बात हुई जिसमें कार्तिक बोला सर मुझे भारत लाने की व्यवस्था करा दो यहां हालात अच्छे नहीं हैं। 10 मीटर की दूरी पर धमाके हो रहे हैं।
विज्ञापन
----
कुरावली के राहुल के परिजन भी हो रहे परेशान
कुरावली। नगर के मोहल्ला फर्दखाना में निवास कर रहे फार्मासिस्ट सूरज पाल सिंह का पुत्र राहुल यूक्रेन के इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी जेनिफर सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। यूक्रेन पर रूस का हमला होने बाद वह वहीं फंसा हुआ है। राहुल ने पिता डॉ सूरजपाल को सोमवार को बताय कि उसके पास के ही भवन पर धमाका हुआ है। वह बंकर में है। बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही है।
विज्ञापन
----
दहशत के बीच उम्मीद की बस में बैठी स्नेहा
शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी देवेश यादव की पुत्री एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा यादव ल्वीव स्थित अपने हॉस्टल के बंकर में थी। रविवार की रात कॉलेज के बंकर में वह सो नहीं सकी। रात भर बंकर के बाहर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। सोमवार की शाम करीब 5:30 बजे स्नहो अपने 50 अन्य साथियों के साथ हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हुई। स्नेहा ने अपने नाना को बॉर्डर पर जाने की सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है।
आज रात बॉर्डर पर भेजने की है तैयारी
शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी नरेंद्र सिंह राठौर का पुत्र अवनीश राठौर यूक्रेन की राजधानी कीव में ही फंसा हुआ है। अवनीश ने अपने परिजनों को बताया कि कीव रात भर धमकों से गूंजता रहा। उसके आस-पास भी बम गिरने की आवाजें आती रहीं। वे लोग बंकर से बाहर नहीं निकले। स्कूल प्रशासन ने बताया कि उन लोगों को बॉर्डर पर भेजने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अवनीश ने बताया कि उसे सोमवार की रात बस से हंगरी बॉर्डर पर भेजने का भरोसा दिया गया है।
हॉस्टल के पास गिरा बम तो कांप गया कुशाग्र
करहल के सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशाग्र यादव यूक्रेन के ल्वीव शहर में ही फंसा हुआ है। सोमवार को कुशाग्र ने परिजनों को बताया कि ल्वीव में गोलाबारी लगातार जारी है। ऐसे में बंकर से बाहर निकलना मुश्किल दिख रहा है। रविवार की रात उसके हॉस्टल के पास ही बम गिरा। इतनी तेज आवाज हुई कि बंकर के सभी छात्र-छात्राएं भयभीत हो गए। स्कूल प्रशासन ने उन्हें हिम्मत बांधने को कहा। भरोसा दिया जा रहा है कि शीघ्र उन्हें हंगरी बॉर्डर पर भेजा जाएगा।
----
कोई नहीं कर रहा है सहयोग
करहल की अहिंसा कॉलोनी निवासी अनुपम यादव यूक्रेन की राजधानी कीव से 600 किमी दूरी पर स्थित अपने कॉलेज के हॉस्टल में ही फंसा हुआ है। सोमवार को परिजनों से हुई बात में अनुपम ने बताया कि कीव पर रूस लगातार हावी हो रहा है। यहां के क्षेत्रीय लोग भी हमलावर हो गए हैं। स्कूल प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि स्कूल प्रशसन बार-बार उन लोगों को किसी सुरक्षित बॉर्डर पर ले जाने का भरोसा दे रहा है। अनुपम ने परिजनों को बताया कि रविवार की रात उसके आस-पास के क्षेत्रों में काफी बमबारी होती रही। जिससे उसके साथी दहशत में हैं।
----
पीएमओ से की अपील, बेटी को लाओ वापस
कस्बा के सदर बाजार निवासी सतीश यादव की पौत्री कोयना भी यूक्रेन के ल्वीव शहर में फंसी हुई है। कोयना की सोमवार को परिजनों को बताया कि कॉलेज के बंकर के पास बम गिर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों से भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने दो दिन बाद हंगरी बॉर्डर भेजने की बात कही जा रही है। रूस का हमला तेज होता जा रहा है। ऐसे में दहशत और बढ़ रही है। कोयना के परिजनों ने पीएमओ से बेटी को वापस लाने की अपील की है।