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जिले में वायरल के साथ बढ़ रहे टाइफाइड के मरीज
सार
जिले में वायरल बुखार के साथ ही टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ने लगी है।पहले तो वायरल की चपेट में लोग थे, लेकिन अब टाइफाइड के मरीज अधिक मिल रहे हैं।वरिष्ठ फिजीशियन डॉॅ. जेजे राम ने बताया कि उनके पास आने वाले बुखार के मरीजों में हर तीसरा मरीज टाइफाइड से पीड़ित दिख रहा है।
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विस्तार
मैनपुरी। जिले में वायरल बुखार के साथ ही टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल स्थित जांच केंद्र पर प्रतिदिन 25 से 30 लोग टाइफाइड से पीड़ित निकल रहे हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम ने लोगों को बचाव की सलाह दी है। बुधवार को जिला अस्पताल में टाइफाइड से पीड़ित आठ मरीजों को भर्ती कराया गया।
जिले में पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले तो वायरल की चपेट में लोग थे, लेकिन अब टाइफाइड के मरीज अधिक मिल रहे हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉॅ. जेजे राम ने बताया कि उनके पास आने वाले बुखार के मरीजों में हर तीसरा मरीज टाइफाइड से पीड़ित दिख रहा है। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में भी बड़ी संख्या में मरीज टाइफाइल से पीड़ित मिल रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 125 से 150 मरीजों की जांच कराई जा रही है, जिसमें 25 से 30 मरीज टाइफाइड से पीड़ित निकल रहे हैं। डॉॅ. ने कहा कि लोग संक्रमित भोजन करने और दूषित पेयपदार्थ लेने के कारण टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। यदि लोगों ने बचाव की तरफ ध्यान नहीं दिया तो टाइफाइड जानलेवा हो सकता है।
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डॉ. जेजे राम बताते हैं कि टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण है। यह सिर्फ एक अंग को नहीं, बल्कि शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। रक्तप्रवाह में पहुंचने के बाद, बैक्टीरिया यकृत, प्लीहा और मांसपेशियों सहित जठरांत्र संबंधी मार्ग पर हमला करते हैं। कभी-कभी, यकृत और प्लीहा भी सूज जाते हैं। रक्त के माध्यम से बैक्टीरिया पित्ताशय की थैली, फेफड़े और गुर्दे तक भी पहुंच सकते हैं। इसका समय से उपचार जरूरी है। यदि समय से उपचार नहीं मिला तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है।
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लक्षण
- दस्त होना
- पेट में दर्द होना
- सिरदर्द में दर्द होना
- कमजोरी महसूस करना
- बुखार रहना
- भूख में कमी आना
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प्रमुख कारण
- दूषित शौचालय का उपयोग करना
- बिना हाथ धोए भोजन को छूना।
- दूषित जल स्रोत से भोजन खाना।
- दूषित कच्ची सब्जियां खाना।
- दूषित दूध उत्पादों का सेवन।
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बचाव के उपाय
- हाथों की साफ-सफाई का ख्याल रखें
- स्ट्रीट फूड से परहेज करें
- घर के बर्तनों को साफ-स्वच्छ पानी से धोएं।
- घर का बना ताजा और गर्म खाना खाएं
- कच्ची सब्जी, फल खाने और दूषित पानी पीने से बचें।
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जिले में पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले तो वायरल की चपेट में लोग थे, लेकिन अब टाइफाइड के मरीज अधिक मिल रहे हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉॅ. जेजे राम ने बताया कि उनके पास आने वाले बुखार के मरीजों में हर तीसरा मरीज टाइफाइड से पीड़ित दिख रहा है। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में भी बड़ी संख्या में मरीज टाइफाइल से पीड़ित मिल रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 125 से 150 मरीजों की जांच कराई जा रही है, जिसमें 25 से 30 मरीज टाइफाइड से पीड़ित निकल रहे हैं। डॉॅ. ने कहा कि लोग संक्रमित भोजन करने और दूषित पेयपदार्थ लेने के कारण टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। यदि लोगों ने बचाव की तरफ ध्यान नहीं दिया तो टाइफाइड जानलेवा हो सकता है।
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डॉ. जेजे राम बताते हैं कि टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण है। यह सिर्फ एक अंग को नहीं, बल्कि शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। रक्तप्रवाह में पहुंचने के बाद, बैक्टीरिया यकृत, प्लीहा और मांसपेशियों सहित जठरांत्र संबंधी मार्ग पर हमला करते हैं। कभी-कभी, यकृत और प्लीहा भी सूज जाते हैं। रक्त के माध्यम से बैक्टीरिया पित्ताशय की थैली, फेफड़े और गुर्दे तक भी पहुंच सकते हैं। इसका समय से उपचार जरूरी है। यदि समय से उपचार नहीं मिला तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है।
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लक्षण
- दस्त होना
- पेट में दर्द होना
- सिरदर्द में दर्द होना
- कमजोरी महसूस करना
- बुखार रहना
- भूख में कमी आना
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प्रमुख कारण
- दूषित शौचालय का उपयोग करना
- बिना हाथ धोए भोजन को छूना।
- दूषित जल स्रोत से भोजन खाना।
- दूषित कच्ची सब्जियां खाना।
- दूषित दूध उत्पादों का सेवन।
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बचाव के उपाय
- हाथों की साफ-सफाई का ख्याल रखें
- स्ट्रीट फूड से परहेज करें
- घर के बर्तनों को साफ-स्वच्छ पानी से धोएं।
- घर का बना ताजा और गर्म खाना खाएं
- कच्ची सब्जी, फल खाने और दूषित पानी पीने से बचें।