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दवा के दो नमूने जांच में हुए फेल, नोटिस
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मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच के लिए भेजे गए दवाओं के दो नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इस पर औषधि निरीक्षक ने विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद उनके विरुद्घ मुकदमा दायर किया जाएगा। औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने 28 अक्तूबर 2021 को कुरावली के जनता मेडिकल स्टोर से टेबलेट ग्रीसेफ-200 का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था।
जांच रिपोर्ट आई तो नमूना फेल हो गया है। इसमें दवा की मात्रा 83 प्रतिशत ही मिली। वहीं अगस्त 2020 में आयुष फार्मा मैनपुरी से सीरप हाइकोसेफ का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच में ये नमूना भी फेल हो गया। इसमें दवा मानक के सापेक्ष 78 प्रतिशत ही पाई गई। दोनों रिपोर्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक ने विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है।
उन्होंने संबंधित दवा के क्रय विक्रय बिल उपलब्ध कराने के साथ ही दवा का बचा हुआ स्टॉक विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सात दिन में उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब आने के बाद न्यायालय में उनके विरुद्घ मुकदमा दायर किया जाएगा।
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औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने बताया कि दवा विक्रेताओं के साथ ही दवा निर्माता कंपनियों को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि संबंधित बैच नंबर की दवाओं की आपूर्ति उन्होंने कहां-कहां की। साथ ही कंपनी के पास कितना स्टॉक बाकी है। इसके लिए टेबलेट ग्रीसेफ बनाने वाली कंपनी जेपी ड्रग्स शिडकुल और सीरप हाइकोसेफ बनाने वाली कंपनी एवरटच बायो रेमेडीज कोसीकला मथुरा को नोटिस भेजा जाएगा।
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जांच रिपोर्ट आई तो नमूना फेल हो गया है। इसमें दवा की मात्रा 83 प्रतिशत ही मिली। वहीं अगस्त 2020 में आयुष फार्मा मैनपुरी से सीरप हाइकोसेफ का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच में ये नमूना भी फेल हो गया। इसमें दवा मानक के सापेक्ष 78 प्रतिशत ही पाई गई। दोनों रिपोर्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक ने विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है।
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उन्होंने संबंधित दवा के क्रय विक्रय बिल उपलब्ध कराने के साथ ही दवा का बचा हुआ स्टॉक विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सात दिन में उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब आने के बाद न्यायालय में उनके विरुद्घ मुकदमा दायर किया जाएगा।
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औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने बताया कि दवा विक्रेताओं के साथ ही दवा निर्माता कंपनियों को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि संबंधित बैच नंबर की दवाओं की आपूर्ति उन्होंने कहां-कहां की। साथ ही कंपनी के पास कितना स्टॉक बाकी है। इसके लिए टेबलेट ग्रीसेफ बनाने वाली कंपनी जेपी ड्रग्स शिडकुल और सीरप हाइकोसेफ बनाने वाली कंपनी एवरटच बायो रेमेडीज कोसीकला मथुरा को नोटिस भेजा जाएगा।