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मृतक की पत्नी को बीमा का दो लाख रुपया दिया जाए
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मैनपुरी। पति की मौत के बाद पत्नी की ओर से दायर की गई याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीड़िता को बीमा की धनराशि के दो लाख रुपये देने का आदेश आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोमतीनगर लखनऊ के शाखा प्रबंधक को दिया है। बीमा की दो लाख रुपये की धनराशि एक महीने के अंदर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देनी होगी।
शहर के खरगजीत नगर निवासी बसंतीदेवी के पति ओमप्रकाश शहर में मोहन फर्नीचर हाउस चलाते थे। उन्होंने श्रम प्रवर्तन कार्यालय में पंजीकरण और आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में दुर्घटना बीमा कराया था। उनकी मार्ग दुर्घटना में पंाच फरवरी 2014 को मौत हो गई थी। बसंती देवी ने बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये के बीमे की धनराशि दिए जाने के लिए औपचारिकताएं पूरी करके आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में आवेदन किया।
शाखा प्रबंधक ने पीड़िता केे आवेदन को औचित्यहीन बताकर निरस्त कर दिया। उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने आयोग में अपना पक्ष रखा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद निर्णय में कहा कि आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोमतीनगर लखनऊ केे शाखा प्रबंधक एक महीने में दो लाख रुपये पीड़िता को अदा करें। इस धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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चार हजार रुपये का खर्चा भी दें
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने चार हजार रुपये पीड़िता को खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया है। आदेश के अनुसार पीड़िता को दो हजार रुपये मुकदमा खर्चा तथा दो हजार रुपया मानसिक कष्ट के रूप में मिलेगा। इस धनराशि पर कोई भी ब्याज नहीं दिया जाएगा।
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शहर के खरगजीत नगर निवासी बसंतीदेवी के पति ओमप्रकाश शहर में मोहन फर्नीचर हाउस चलाते थे। उन्होंने श्रम प्रवर्तन कार्यालय में पंजीकरण और आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में दुर्घटना बीमा कराया था। उनकी मार्ग दुर्घटना में पंाच फरवरी 2014 को मौत हो गई थी। बसंती देवी ने बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये के बीमे की धनराशि दिए जाने के लिए औपचारिकताएं पूरी करके आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में आवेदन किया।
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शाखा प्रबंधक ने पीड़िता केे आवेदन को औचित्यहीन बताकर निरस्त कर दिया। उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने आयोग में अपना पक्ष रखा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद निर्णय में कहा कि आईसीआईसीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोमतीनगर लखनऊ केे शाखा प्रबंधक एक महीने में दो लाख रुपये पीड़िता को अदा करें। इस धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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चार हजार रुपये का खर्चा भी दें
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने चार हजार रुपये पीड़िता को खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया है। आदेश के अनुसार पीड़िता को दो हजार रुपये मुकदमा खर्चा तथा दो हजार रुपया मानसिक कष्ट के रूप में मिलेगा। इस धनराशि पर कोई भी ब्याज नहीं दिया जाएगा।