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UP: पुलिस की प्रताड़ना से अनाथ हो गए दो मासूम, मां की मौत के बाद...पिता का भी सिर से उठा साया
Mon, 24 Jun 2024 09:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 24 Jun 2024 09:32 AM IST
सार
पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर फंदे से लटककर जान देने वाले संजय की पत्नी की 10 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चों की देखभाल अब कौन करेगा।
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police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में सादाबाद पुलिस की प्रताड़ना ने न सिर्फ संजय की जान ली बल्कि उसके दो नाबालिग बच्चे भी अनाथ हो गए। उनके सिर से पहले ही मां का साया उठ चुका था। पुलिस की प्रताड़ना ने पिता को भी छीन लिया। दोनों बच्चे रो-रोकर बेहाल हैं। एक को ताऊ तो दूसरे को चाचा पाल रहे हैं।
बरहन के रूपधनु गांव निवासी संजय(44) ने शनिवार को खेत में पेड़ पर फंदे से लटक कर जान दे दी थी। उनकी पत्नी का देहांत 10 वर्ष पहले हो गया था। खेती-किसानी और मजदूरी से अपने दो बच्चों का पेट पाल रहे थे। संजय के तीन बच्चे थे। जिनमें एक बड़ी बेटी विवाहित है। 13 साल की बेटी और 10 साल का बेटा पास रहते थे। मृतक के भाई प्रमोद ने बताया कि इस हादसे के बाद बेटी को ताऊ के पास भेज दिया है। जबकि बेटा उनके पास रह रहा है।
यह था मामला
सादाबाद क्षेत्र से एक लड़की संजय के साले के साथ चली गई थी। जिस वजह से सादाबाद पुलिस संजय के घर दबिश दे रही थी। दबिश के दौरान पुलिस संजय को उठा ले गई। आरोप है कि थाने में थर्ड डिग्री दी गई। 50 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा। दूसरे दिन फिर पुलिस घर आ धमकी। उसके भाई और बेटे को ले गई। बार-बार पुलिस के उत्पीड़न से भयभीत होकर संजय ने आत्महत्या कर ली।
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बरहन के रूपधनु गांव निवासी संजय(44) ने शनिवार को खेत में पेड़ पर फंदे से लटक कर जान दे दी थी। उनकी पत्नी का देहांत 10 वर्ष पहले हो गया था। खेती-किसानी और मजदूरी से अपने दो बच्चों का पेट पाल रहे थे। संजय के तीन बच्चे थे। जिनमें एक बड़ी बेटी विवाहित है। 13 साल की बेटी और 10 साल का बेटा पास रहते थे। मृतक के भाई प्रमोद ने बताया कि इस हादसे के बाद बेटी को ताऊ के पास भेज दिया है। जबकि बेटा उनके पास रह रहा है।
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यह था मामला
सादाबाद क्षेत्र से एक लड़की संजय के साले के साथ चली गई थी। जिस वजह से सादाबाद पुलिस संजय के घर दबिश दे रही थी। दबिश के दौरान पुलिस संजय को उठा ले गई। आरोप है कि थाने में थर्ड डिग्री दी गई। 50 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा। दूसरे दिन फिर पुलिस घर आ धमकी। उसके भाई और बेटे को ले गई। बार-बार पुलिस के उत्पीड़न से भयभीत होकर संजय ने आत्महत्या कर ली।
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