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Agra News: तालाब में नहाने उतरे दो बालक डूबे, मौत
Mon, 17 Jun 2024 11:00 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 17 Jun 2024 11:00 PM IST
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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव महानंदपुर में सोमवार की दोपहर तालाब में नहाने के उतरे दो बालक डूबने लगे। साथी मदद के लिए चीखते हुए भाग निकले। जब तक बालकों को बाहर निकाला गया। तब तक एक की मौत हो चुकी थी। दूसरे ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मृतकों के घर में चीख पुकार मची है। पुलिस ने बालकों के शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाए हैं।भोगांव क्षेत्र के गांव महानंदपुर निवासी संजीव कुमार का पुत्र यश (08) सोमवार की सुबह साथी अंकित पुत्र हरेंद्र कुमार (11) व अन्य बच्चों के साथ गांव स्थित तालाब के पास खेलने के लिए गए था। दोपहर के समय तेज धूप के बीच बच्चे तालाब में नहाने के लिए उतर गए। नहाने के दौरान अंकित और यश गहराई में चले गए और डूबने लगे। साथ नहा रहे साथियों ने जब दोनों को डूबते हुए देखा तो वह लोग तालाब से बाहर निकल कर मदद के लिए चीखते हुए भाग निकले। जानकारी होने के बाद बालकों के परिजन व ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। जब तक दोनों बालकों को बाहर निकाला गया तब तक अंकित की मौत हो चुकी थी। वहीं यश की सांसे चल रहीं थीं। आनन फानन परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिजन में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब में मछली पालन होता है।
जरा सी अनदेखी में बुझ गए दो घरों के चिराग
भोगांव। गांव महानंदपुर में जरा सी अनदेखी ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। अब घर में चीख पुकार मची हुई है। तालाब में डूब कर हुए इस हादसे में जान गवाने वाले यश और अंकित माता पिता के इकलौते पुत्र थे। दोनों की असमय मौत के बाद परिजन के साथ ही गांव भी शोक में डूबा हुआ है।स्कूलों की छुट्टियां चल रहीं हैं। ऐसे में बच्चे घरों में जमकर मस्ती कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अभिभावक अपने बच्चों पर निगरानी रखना बंद कर दें। गांव महानंदपुर में जरा सी अनदेखी में दो घरों के चिराग बुझा दिए। आठ साल का यश और 11 साल का अंकित माता पिता के इकलौते पुत्र थे। सोमवार की सुबह दोनों साथ साथ घर से निकले थे। लेकिन बच्चों पर निगरानी के लिए उनके साथ कोई नहीं था। बच्चों ने खेलते समय ही तालाब में नहाने का फैसला कर लिया। नहाने के लिए तालाब में उतरे तो तालाब के गहरे गड्ढे में डूब कर उनकी जान चली गई। इस हादसे ने जहां बच्चों के माता पिता को तोड़ कर रख दिया है। वहीं दो जानें चली जाने के बाद परिजन भी कहीं न कहीं अपनी लापरवाही पर भी आंसू बहा रहे हैं। काश वह बच्चों के साथ होते तो आज उनके बच्चे हमेशा के लिए दूर न जाते। यश और अंकित की मां तो इस हादसे के बाद सुधबुध खो बैठी हैं। आंखो से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बच्चों को पुकारते हुए कई बार बेहोश हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित दो बहनों के बीच माता पिता का इकलौता पुत्र था। वहीं यश की एक बहन है। हादसे में दो बच्चों की असमय मौत के बाद परिजन व गांव में भी शोक का माहौल है।
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जरा सी अनदेखी में बुझ गए दो घरों के चिराग
भोगांव। गांव महानंदपुर में जरा सी अनदेखी ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। अब घर में चीख पुकार मची हुई है। तालाब में डूब कर हुए इस हादसे में जान गवाने वाले यश और अंकित माता पिता के इकलौते पुत्र थे। दोनों की असमय मौत के बाद परिजन के साथ ही गांव भी शोक में डूबा हुआ है।स्कूलों की छुट्टियां चल रहीं हैं। ऐसे में बच्चे घरों में जमकर मस्ती कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अभिभावक अपने बच्चों पर निगरानी रखना बंद कर दें। गांव महानंदपुर में जरा सी अनदेखी में दो घरों के चिराग बुझा दिए। आठ साल का यश और 11 साल का अंकित माता पिता के इकलौते पुत्र थे। सोमवार की सुबह दोनों साथ साथ घर से निकले थे। लेकिन बच्चों पर निगरानी के लिए उनके साथ कोई नहीं था। बच्चों ने खेलते समय ही तालाब में नहाने का फैसला कर लिया। नहाने के लिए तालाब में उतरे तो तालाब के गहरे गड्ढे में डूब कर उनकी जान चली गई। इस हादसे ने जहां बच्चों के माता पिता को तोड़ कर रख दिया है। वहीं दो जानें चली जाने के बाद परिजन भी कहीं न कहीं अपनी लापरवाही पर भी आंसू बहा रहे हैं। काश वह बच्चों के साथ होते तो आज उनके बच्चे हमेशा के लिए दूर न जाते। यश और अंकित की मां तो इस हादसे के बाद सुधबुध खो बैठी हैं। आंखो से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बच्चों को पुकारते हुए कई बार बेहोश हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित दो बहनों के बीच माता पिता का इकलौता पुत्र था। वहीं यश की एक बहन है। हादसे में दो बच्चों की असमय मौत के बाद परिजन व गांव में भी शोक का माहौल है।
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