मथुरा: डेंगू-वायरल फीवर से दो बच्चों की मौत, गांव जचौंदा में मृतकों की संख्या हुई पांच
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते डेंगू ने तांडव मचा रखा है। लोग बीमारी से दम तोड़ रहे हैं। मृतकों के तीमारदार स्वास्थ्य अधिकारियों के पैरों में गिरकर गुहार लगा रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी व्यवस्थाओं के नाम पर लीपापोती करने में जुटे हैं। मथुरा जिले में डेंगू और बुखार ने दो और बच्चों की जान ले ली है।
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मथुरा जिले में 24 घंटे में बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। गोवर्धन ब्लॉक के नगला हरजू में रविवार देर शाम पांच वर्षीय बच्ची ने दम तोड़ दिया। गांव जचौंदा में सोमवार को तीन वर्षीय बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तरह जचौंदा में मरने वालों की संख्या चार से बढ़कर पांच हो गई है।
गांव जचौंदा में सैकड़ों लोग बीमारी की चपेट में आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर उपचार दिया था, कुछ लोगों ने निजी अस्पताल से उपचार लिया। ज्यादातर लोग स्वस्थ होकर घर वापस लौट आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब 17 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। एक बच्ची के हालात अभी भी चिंताजनक बताते हैं। चार मरीजों की मौत पूर्व में उपचार के दौरान हो चुकी है।
सोमवार को देवी सिंह के तीन वर्षीय पुत्र निशांत ने दम तोड़ दिया। गांव में निशांत सहित यहां बुखार से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। उधर, नैनु पट्टी ग्राम पंचायत के मजरा हरजू में माधुरी (5) पुत्री एलम सिंह की रविवार को मौत हो गई थी।
बच्ची में डेंगू की हुई थी पुष्टि
ग्राम प्रधान डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची को कई दिनों से बुखार आ रहा था। जिसे संयुक्त जिला चिकित्सालय वृंदावन में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने डेंगू के लक्षणों की पुष्टि की थी। रविवार को उपचार के दौरान माधुरी की मौत हो गई।
चिकित्सा अधीक्षक राल डॉ. विमल उपाध्याय ने कहा कि जचौंदा में तीन वर्षीय बच्चे की मौत निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई है। गांव के 17 मरीज भर्ती थे, 7 मरीज स्वस्थ होकर घर आ गए हैं। 10 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती बताए हैं। स्वास्थ्य टीम हालात पर नजर बनाए है। गांव में ओपीडी भी चल रही है।
नैनु पट्टी के मजरा हरजू में डाला स्वास्थ्य टीम ने डेरा
बच्ची के मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत नैनु पट्टी के मजरा हरजू में डेरा डाल दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ओपीडी सुविधा शुरू कर मरीजों को दवाइयां दीं। रैपिट किट से मलेरिया टेस्ट किए। महिला हंसा देवी (35) की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कंट्रोल रूम के माध्यम से मरीजों को शीघ्र लाभ
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जनपद में डेंगू और बीमारी के संबंध में किए जा रहे कार्यों की अधीनस्थों से समीक्षा की। कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में कंट्रोल रूम अपनी सेवाएं बहुत अच्छे से दे रहा है और शीघ्रता के साथ ही साफ-सफाई शिकायत, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को 3 कॉल्स आईं हैं।
कंट्रोल रूम से सभी आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क किया गया और उन्हें घर-घर जाकर कूलर से पानी तथा अन्य क्षेत्रों में पानी न भरने के लिए बोला गया है। किसी भी व्यक्ति को बीमारी, साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, एंटी लार्वा करवाना हो, तो सीधे कंट्रोल रूम नंबर 0565-2974286, 2974278, 2974255, 2974290, 2974271 तथा 2974266 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कुल 288 मिले, 258 मरीज ठीक: सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने बताया कि सोमवार को आठ मरीज सही होकर घर गए हैं तथा बाकी मरीजों की तबियत में सुधार है। उन्हें भी शीघ्र ही स्वस्थ करके डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। जनपद में अब तक बुखार के कुल 288 केस आए थे, जिनमें से 258 मरीज सही होकर घर जा चुके हैं।