मैनपुरी में गड्ढे ने ली दो भाइयों की जान: पीडब्ल्यूडी ने खेत से खुदवाई थी मिट्टी, उसी में भरा पानी बना मौत की वजह
दोनों भाई पिता के साथ खेत से लौट रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने हादसे के लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है।
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मैनपुरी जिले के बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव बनिगवां में मंगलवार शाम खेत से घर लौट रहे दो सगे भाई गड्ढे में भरे पानी में डूब गए। करीब आधा घंटे बाद दोनों के शव मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया।
थाना क्षेत्र के गांव बनिगवां निवासी नरेंद्र सिंह गुरुग्राम में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी पत्नी बच्चों के साथ गांव में रहती है। नरेंद्र छुट्टी लेकर धान की रोपाई के लिए घर आया था। मंगलवार दोपहर वह 14 वर्षीय पुत्र अंजुल उर्फ दीपक व 11 वर्षीय आशू उर्फ अर्पित के साथ खेत पर गया था।
शाम करीब चार बजे काम खत्म करने के बाद दोनों भाई पिता के साथ घर लौट रहे थे। पिता के पीछे चल रहे बच्चे गांव के पास गड्ढे में भरे पानी में डूब गए। काफी देर तक बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश की। इस दौरान एक बच्चे का सिर गड्ढे में नजर आया।
मौके पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने गड्ढे से बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर थाना पुलिस, नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंच गए। दोनों बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
घर के चिराग बुझे
गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबने से एक घर के दो चिराग बुझ गए। दोनों बेटों की मौत से मां-बाप बेसुध हो गए। बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चीख-चीख कर बहन कह रही थी कि अब वह रक्षाबंधन पर राखी किसे बांधेगी।
नरेंद्र कुमार के परिवार में दो बेटे और एक बेटी थी। हंसते खेलते परिवार पर मंगलवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे ने दोनों बेटे अंजुल और आशू को छीन लिया। पानी भरे गड्ढे से बच्चों के शव बाहर आते ही मां-बाप बेसुध हो गए।
20 वर्षीय बेटी शालू भी भाइयों के शवों को देखकर दहाड़ मारकर रोने लगी। बेसुध पिता हादसे के लिए खुद को जिम्मेदार ठहरा रहा था। उसका कहना था कि वह बच्चों को साथ लेकर खेत पर नहीं जाते तो शायद हादसा नहीं होता।
पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदार ठहरा रहे ग्रामीण
हादसे के लिए परिजन और ग्रामीण पीडब्ल्यूडी के अफसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पिता नरेंद्र कुमार और अन्य परिजनों का कहना है कि छह महीने पहले ही पीडब्ल्यूडी की ओर से गांव के लिए सड़क का निर्माण कराया गया था। इस दौरान पास ही खेत से मिट्टी का उठान किया गया। इससे करीब दस फीट गहरा गड्ढा हो गया। बारिश में गड्ढे में पानी भर गया है।
एक-दूसरे को बचाने में तो नहीं डूब गए दोनों भाई
हादसे के बाद पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुट गई। परिजन और ग्रामीण भी कई तरह के कयास लगा रहे है। कयास है कि छोटा बेटा पानी में गिर गया हो और उसे बचाने के प्रयास में बड़ा बेटा भी डूब गया।
करहल के नायब तहसीलदार अवनीश कुमार ने बताया कि हादसे की सूचना उच्चाधिकारी को दी गई है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद प्रशासन की ओर से की जाएगी। हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी।