फिरोजाबाद: युवती से दुष्कर्म के दोषी दो सगे भाइयों को 20-20 वर्ष कारावास की सजा
फिरोजाबाद में तीन साल पुराने दुष्कर्म के मामले में फैसला आ गया है। अदालत ने दुष्कर्म के दोषी दो सगे भाइयों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
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फिरोजाबाद के अपर जिला जज त्वरित न्यायालय (प्रथम) अनुराग शर्मा ने थाना उत्तर क्षेत्र में दुष्कर्म के दोषी दो सगे भाइयों को 20-20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 76-76 हजार का अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की 70 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
दुष्कर्म की यह वारदात आठ फरवरी 2018 को थाना उत्तर क्षेत्र में हुई थी। एक युवती अपनी मां के साथ जिला अस्पताल में दवा लेने जाने के दौरान गायब हो गई थी। 13 फरवरी को थाना उत्तर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में पुलिस को पता चला कि युवती को जिला औरैया थाना आयाना के गांव सिरकना निवासी राजेश एवं धर्मेंद्र पुत्र रणवीर सिंह गाड़ी में डालकर ले गए थे।
तीन माह तक बंधक रही थी युवती
पुलिस ने युवती को बरामद कर लिया था। युवती ने बताया कि अस्पताल से दवा लेकर लौटने के दौरान मां ने सड़क पार कर ली थी। जबकि युवती दूसरी साइड में रह गई थी। इसी दौरान एक कार आई उसमें राजेश, धर्मेंद्र के अलावा अनीता एवं विनीता सवार थे। युवती का आरोप है कि उक्त लोग उसे गाड़ी से अपने गांव ले गए। तीन माह तक बंधक बनाकर राजेश एवं धर्मेंद्र उर्फ धीरू ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम अनुराग शर्मा के न्यायालय में सुनवाई हुई। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवधेश भारद्वाज एवं वादी के अधिवक्ता मोहम्मद इब्राहिम ने की।
न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्य एवं बयानों के आधार पर दोषी धर्मेंद्र एवं राजेश को 366 में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास,2 5-25 हजार का अर्थदंड, 376 डी के मामले में दोनों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार का अर्थदंड, धारा 342 के मामले में एक-एक वर्ष कारावास की सजा एवं एक-एक हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।