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आगराः भ्रूण परीक्षण करने में अस्पताल संचालक समेत दो गिरफ्तार, टीम ने इस तरह जाल बिछाकर पकड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 26 Jun 2018 09:13 AM IST
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टीम ने किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में राजस्थान और आगरा की टीम ने संयुक्त रूप से सोमवार को यमुनापार स्थित टेढ़ी बगिया के कृष्णा कालोनी क्षेत्र से रुखसार नाम की महिला और केडी हास्पिटल के संचालक देवेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया।
महिला घर पर ही फीटल डॉप्लर से गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुनाकर लोगों को बेवकूफ बनाती थी और भ्रूण के बारे में बताती थी। इससे पहले भी आगरा में भ्रूण परीक्षण का मामला पकड़ा जा चुका है।
राजस्थान के धौलपुर, भरतपुर, दौसा और जयपुर की टीमों ने आगरा की स्वास्थ्य विभाग की टीम के एक महिला को गर्भवती बताकर ट्रांस यमुना कालोनी के फेस-टू स्थित केडी हास्पिटल के डायरेक्टर देवेंद्र चौधरी के पास लेकर पहुंची।
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महिला घर पर ही फीटल डॉप्लर से गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुनाकर लोगों को बेवकूफ बनाती थी और भ्रूण के बारे में बताती थी। इससे पहले भी आगरा में भ्रूण परीक्षण का मामला पकड़ा जा चुका है।
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राजस्थान के धौलपुर, भरतपुर, दौसा और जयपुर की टीमों ने आगरा की स्वास्थ्य विभाग की टीम के एक महिला को गर्भवती बताकर ट्रांस यमुना कालोनी के फेस-टू स्थित केडी हास्पिटल के डायरेक्टर देवेंद्र चौधरी के पास लेकर पहुंची।
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मश्ाीन कब्जेे में लिया
- फोटो : अमर उजाला
वह भ्रूण परीक्षण कराने के लिए तैयार हो गया। देवेंद्र चौधरी ने इसके लिए 10 हजार रुपये लिए। इसके बाद वह महिला और टीम के सदस्य को टेढ़ी बगिया के कृष्णा कालोनी में किराए के मकान में रहने वाली रुखसार के पास ले गया।
रुखसार ने भी भ्रूण परीक्षण के लिए 6000 रुपये लिए। इसके बाद फीटल डॉप्लर से परीक्षण करने लगी। इतनी देर में पूरी टीम पहुंच गई। रुखसार और देवेंद्र को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान की पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई। पूछताछ के बाद उसका पूरा रैकेट सामने आ सकता है। इस रैकेट में कई लोगों के जुड़े होने की संभावना है। कुछ अस्पतालों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
यमुनापार और सदर क्षेत्र से कई चिकित्सकों और भ्रूण परीक्षण रैकेट में शामिल लोगों को पकड़ चुकी है। यहां की स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से अपेक्षाकृत कम कार्रवाई की गई है।
रुखसार ने भी भ्रूण परीक्षण के लिए 6000 रुपये लिए। इसके बाद फीटल डॉप्लर से परीक्षण करने लगी। इतनी देर में पूरी टीम पहुंच गई। रुखसार और देवेंद्र को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान की पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई। पूछताछ के बाद उसका पूरा रैकेट सामने आ सकता है। इस रैकेट में कई लोगों के जुड़े होने की संभावना है। कुछ अस्पतालों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
यमुनापार और सदर क्षेत्र से कई चिकित्सकों और भ्रूण परीक्षण रैकेट में शामिल लोगों को पकड़ चुकी है। यहां की स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से अपेक्षाकृत कम कार्रवाई की गई है।
लड़की बताकर गर्भपात कराती थी
रुखसार अधिकतर भ्रूण को लड़की ही बताती थी और गर्भपात करा देती थी। भ्रूण परीक्षण कराने वालों के समक्ष वह फीटल डॉप्लर (धड़कन सुनने की मशीन) को अल्ट्रासाउंड मशीन के रूप में ही प्रस्तुत करती थी।
रुखसार पहले कुछ अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के रूप में भी कार्य कर चुकी है। कुछ जानकारी होने के बाद उसने भ्रूण परीक्षण का खेल शुरू कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. वीरेंद्र भारती के मुताबिक रुखसार एक वर्ष पूर्व भी भ्रूण परीक्षण करते हुए पकड़ी गई थी।
उस समय रुखसार के घर से टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद की थी। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से उसी काम में जुट गई। इस बार अल्ट्रासाउंड मशीन की जगह फीटल डॉप्लर का इस्तेमाल कर रही थी।
रुखसार पहले कुछ अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के रूप में भी कार्य कर चुकी है। कुछ जानकारी होने के बाद उसने भ्रूण परीक्षण का खेल शुरू कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. वीरेंद्र भारती के मुताबिक रुखसार एक वर्ष पूर्व भी भ्रूण परीक्षण करते हुए पकड़ी गई थी।
उस समय रुखसार के घर से टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद की थी। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से उसी काम में जुट गई। इस बार अल्ट्रासाउंड मशीन की जगह फीटल डॉप्लर का इस्तेमाल कर रही थी।