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बंगाल से तस्करी कर लाई गई 'खतरनाक' मछली के बीज से भरा ट्रक पकड़ा, तीन गिरफ्तार
Tue, 15 Oct 2019 07:46 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 15 Oct 2019 07:46 PM IST
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पकड़ गए तीन आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
एटा की थाना मलावन पुलिस ने सोमवार शाम को प्रतिबंधित मांगुर मछली के बीज से भरा ट्रक पकड़ा। पुलिस ने ट्रक में सवार चालक और दो आरोपियों को पकड़ा है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पुलिस थाने के गेट के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कानपुर की ओर से आए एक ट्रक को चेक किया, तो उसमें प्रतिबंधित मांगुर मछलियां पाई गईं। आरोपी ट्रक के अंदर पानी भरकर मछलियों का बीज पश्चिम बंगाल से हरियाणा ले जा रहे थे।
पुलिस ने ट्रक चालक नवल किशोर पुत्र धीर सिंह निवासी कुकवैलपुर, भोगांव मैनपुरी, शफीकुल और शमदास निवासी पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि मांगुर मछली प्रतिबंधित है। तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
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पुलिस थाने के गेट के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कानपुर की ओर से आए एक ट्रक को चेक किया, तो उसमें प्रतिबंधित मांगुर मछलियां पाई गईं। आरोपी ट्रक के अंदर पानी भरकर मछलियों का बीज पश्चिम बंगाल से हरियाणा ले जा रहे थे।
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पुलिस ने ट्रक चालक नवल किशोर पुत्र धीर सिंह निवासी कुकवैलपुर, भोगांव मैनपुरी, शफीकुल और शमदास निवासी पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि मांगुर मछली प्रतिबंधित है। तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
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सरकार ने लगाया था प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने वर्ष 2000 में मांगुर मछली पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद जनवरी 2019 में एनजीटी ने अधिकारियों को छापेमारी कर मछली पालन रोकने के निर्देश दिए थे।
इसलिए खतरनाक है मांगुर मछली
मांगुर मछली मांसाहारी है। यह इंसानों का मांस खाकर बढ़ जाती है। मछली पालक अधिक मुनाफे के चक्कर में तालाबों और नदियों में प्रतिबंधित थाई मांगुर को पाल रहे हैं। यह मछली चार महीने में ढाई से तीन किलो तक तैयार हो जाती है। जो बाजार में करीब 30-40 रुपए किलो बिकती है। इस मछली में 80 फीसदी लेड और आयरन के तत्व पाए जाते हैं।
इस मछली की खास बात यह है कि यह किसी भी पानी (दूषित पानी) में तेजी से बढ़ती है। मांगुर छोटी मछलियों समेत यह कई अन्य जलीय कीड़े-मकोड़ों को खा जाती है। इससे तालाब का पर्यावरण भी खराब हो जाता है।
इसलिए खतरनाक है मांगुर मछली
मांगुर मछली मांसाहारी है। यह इंसानों का मांस खाकर बढ़ जाती है। मछली पालक अधिक मुनाफे के चक्कर में तालाबों और नदियों में प्रतिबंधित थाई मांगुर को पाल रहे हैं। यह मछली चार महीने में ढाई से तीन किलो तक तैयार हो जाती है। जो बाजार में करीब 30-40 रुपए किलो बिकती है। इस मछली में 80 फीसदी लेड और आयरन के तत्व पाए जाते हैं।
इस मछली की खास बात यह है कि यह किसी भी पानी (दूषित पानी) में तेजी से बढ़ती है। मांगुर छोटी मछलियों समेत यह कई अन्य जलीय कीड़े-मकोड़ों को खा जाती है। इससे तालाब का पर्यावरण भी खराब हो जाता है।