आगरा में पेड़ों पर चली आरी : इधर रौप रहे पौध, उधर काट डाले गए 57 पेड़
प्रदेश सरकार के 25 करोड़ पौधे लगाने के अभियान के तहत ताजनगरी में 38 लाख पौधे लगाने की मुहिम चल रही है। इस मुहिम के बीच ट्रांसपोर्ट नगर में एक, दो नहीं, बल्कि 57 पेड़ों पर आरी चला दी गई है।
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खंदारी के वन चेतना केंद्र से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ऑफिस के बीच यूकेलिप्टस के 57 पेड़ यहां चंद दिनों में गिरा दिए गए हैं। आरी से काटने के बाद इन पेड़ों को गिरा दिया गया ताकि दूर से देखने पर यह आंधी में उखड़े नजर आएं। रात के अंधेरे में यहां सूख गए पेड़ों की लकड़ी उठाकर ले जाई जा रही है। हाईवे किनारे के लगे घने पेड़ों का कटान कर यहां अवैध वर्कशॉप बनाई जा रही हैं।
रात में उठा ले जाते हैं
खंदारी से गुरुद्वारा गुरु के ताल के बीच नेशनल हाईवे पर आईएसबीटी की ओर की सर्विस लेन के किनारे यूकेलिप्टस के 70 से 80 फुट ऊंचे पेड़ लगे हैं। इन पेड़ों पर ही आरी चलाई जा रही है। यहां मंगलवार को अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो 57 पेड़ नीचे गिरे पाए गए। आईएसबीटी मोड़ पर दुकान चला रहे सचिन और प्रतीक खंडेलवाल ने बताया कि रात में अक्सर ट्रैक्टर से आए लोग पेड़ काटकर ले जाते हुए नजर आते हैं।
मामला संज्ञान में नहीं- डीएफओ
डीएफओ अखिलेश पांडेय ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर में पेड़ काटने या गिराने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। टीम भेजकर उसकी जांच करा ली जाएगी। टीटीजेड में पेड़ काटने पर प्रतिबंध है। जो ऐसा कर रहा है, उसे दंड भुगतना होगा।
हरियाली पर सरकारी विभाग चला रहे आरी
हरियाली पर आरी चलाने का काम सबसे ज्यादा सरकारी विभाग ही कर रहे हैं। आगरा स्मार्ट सिटी ने ताज और किले के बीच लगे 215 पेड़ अनुमति के बिना उखाड़ दिए तो मेट्रो ने भी महज सात माह पहले सर्किट हाउस रोड पर किया गया सौंदर्यीकरण और हरियाली का उजाड़ दिया।
पीएसी मैदान की चहारदीवारी के काम के लिए मेट्रो ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाई गई यूटिलिटी डक्ट और ड्रेनेज सिस्टम भी तोड़ दिया। मुगलिया शहर की पहचान के तौर पर लाल बलुई पत्थर से बेस और प्लेटफार्म बनाकर उस पर लैंडस्केपिंग और हरियाली की गई थी।
कमिश्नरी की दीवार से सटी पेंटिंग, पौधे और सौंदर्यीकरण का काम ध्वस्त कर दिया। मंगलवार सुबह लोग यहां से निकले तो तोड़फोड़ देखकर हैरत में पड़ गए। सर्किट हाउस समेत 12 सड़कों के सौंदर्यीकरण पर स्मार्ट सिटी ने 98 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
'मेट्रो पहले जैसा करके देगी इस पूरे क्षेत्र को'
स्मार्ट सिटी के सीईओ निखिल टी फुंडे ने कहा कि फूल सैयद चौराहे से सर्किट हाउस रोड पर मेट्रो ने अपनी दीवार के निर्माण के लिए हमारी डक्ट और ड्रेनेज के साथ हाल में कराया गया सौंदर्यीकरण को नुकसान पहुंचाया है। मैने मेट्रो के अधिकारियों से बात की है। वह दीवार निर्माण के बाद जो नुकसान हुआ है, उसे पहले की तरह बनाने को तैयार हैं। वह इस क्षेत्र को पहले जैसा करके देंगे।
वन विभाग ने स्मार्ट सिटी की जेसीबी सीज की
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से ताजगंज तक 24×7 जलापूर्ति के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिछाई जा रही 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन के लिए आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने 215 पेड़ काट दिए थे। ताजमहल और आगरा किला के बीच हेरिटेज कॉरिडोर के क्षेत्र में जेसीबी से 215 पेड़ काटने के कारण वन विभाग ने स्मार्ट सिटी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में वन विभाग ने अब कार्रवाई करते हुए स्मार्ट सिटी कंपनी के उपकरणों समेत जेसीबी भी सीज कर दी। वन विभाग के डीएफओ अखिलेश पांडेय ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी को वन विभाग ने जिन शर्तों के तहत अनुमति दी थी, उसका उल्लंघन किया गया है। इसलिए एफआईआर भी कराई गई है। पेड़ काटने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से लेनी चाहिए थी। हमने जेसीबी को सीज कर दिया है।