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आगरा: अपार्टमेंट के सेप्टिक टैंक में गिरकर कंपनी के कर्मचारी की मौत, टैंक की सफाई करने आया था...ऐसे हुआ हादसा

Fri, 16 Feb 2024 03:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 16 Feb 2024 03:42 PM IST
सार

रिद्धि सिद्धि कंपनी में मशीन ऑपरेटर विजय दुबे जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक मौत हो गई।

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Tragic accident in Agra: Machine operator fell into 30 feet deep pit while digging sewer line died on spot
सीवर टैंक - फोटो : amar ujala

विस्तार

आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 16 स्थित बहुमंजिला इमारत पदम प्राइड अपार्टमेंट के सेप्टिक टैंक में गिरकर मशीन ऑपरेटर की मौत हो गई। वह टैंक की सफाई करने के लिए बुलाए गए थे। परिजन ने कंपनी पर देर से सूचना देने का आरोप लगाया। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
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झांसी के मऊ रानीपुर निवासी विजय कुमार दुबे (55) रिद्धि सिद्धि कंपनी में मशीन ऑपरेटर का कार्य करते थे। परिजन ने बताया कि विजय को बृहस्पतिवार को सुबह 9 बजे पदम प्राइड अपार्टमेंट में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए भेजा गया था। आरोप लगाया कि टैंक पर एक जाल बना हुआ था। इस पर विजय खड़े हुए थे। अचानक जाल टूट गया। विजय टैंक में गिर गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बाहर निकलवाया। इसके बाद इमरजेंसी ले गए, जहां पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को परिजन को बुलाया गया था। लेकिन वो तहरीर देने नहीं आए।
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जहरीली गैस से बेहोश होेने की आशंका
अपार्टमेंट के सेप्टिक टैंक को खोलने पर जहरीली गैस से विजय दुबे के बेहोश होने की आंशका भी परिजन जता रहे हैं। अपार्टमेंट के लोगों के मुताबिक मशीन ऑपरेटर टैंक में बने लोहे के प्लेटफार्म पर खड़े थे, संभवत: जहरीली गैस के कारण वहीं गिर गए। चंद मिनटों में ही उनकी मौत हो गई। वह उसी प्लेटफार्म पर मृत पाए गए, जबकि रिद्धि सिद्धि कंपनी के अधिकारी जाल टूटने से मौत होने की जानकारी दे रहे हैं।
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जहरीली गैस में 3 मिनट बेहद अहम
जल निगम के विशेषज्ञ इंजीनियरों के मुताबिक सेप्टिक टैंक में किसी भी सीवर मैनहोल से ज्यादा जहरीली गैस होती है। सेप्टिक टैंक में टीएसएस वैल्यू 4000 से ज्यादा होती है, जबकि सीवर मैनहोल में यह 170 तक अधिकतम पहुंचती है। ऐसे में सेप्टिक टैंक कहीं ज्यादा घातक और जहरीली गैस का उत्पादन करते हैं। चेंबर का ढक्कन खोलते ही जहरीली गैस निकलने लगती है। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी जहरीली गैस का शिकार होकर बेहोश हो गया है तो उसे 3 मिनट के अंदर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए तो जान बच सकती है। नामी कंपनियां अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर और मास्क लगाकर ही कर्मचारी भेजती हैं।


नगर निगम को करें फोन
सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नगर निगम में फोन करने की जगह अपार्टमेंट और आम लोग निजी कर्मचारियों को बुला रहे हैं, जहां लापरवाही के कारण हादसे हो रहे हैं। नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी पंकज भूषण ने बताया कि इसके लिए निगम में फोन करके मशीन बुलाई जा सकती है।
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