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Agra News: जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ व्यापार मंडल ने दिया ज्ञापन
Mon, 20 Jan 2025 10:45 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 20 Jan 2025 10:45 PM IST
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जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ ज्ञापन देते पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के पदाध
मैनपुरी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने व्यापार कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल को पत्र लिखा है। मांग की है कि प्रदेश में जीएसटी छापामारी के नाम पर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का किया जा रहा आर्थिक उत्पीड़न बंद किया जाए। सोमवार को पत्र स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से लखनऊ भेजा गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष घनश्याम दास गुप्ता ने पत्र के माध्यम से कहा है कि अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का खुला आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जो अनुचित है। इसे बंद किया जाए। जीएसटी प्रणाली की जटिलताओं से व्यापारी दुखी हैं। इसका सरलीकरण होना चाहिए। प्रदेश के व्यापारियों की अपील है कि जिला स्तरीय सरलीकरण कमेटी में व्यापारियों को भी जोड़ा जाए और उनके सुझाव को महत्व दिया जाए। प्रदेश का व्यापारी हर माह लाखों-करोड़ों रुपये का टैक्स जमा कर सरकार का खजाना भर रहा है। इसके बाद भी उसे चोर की तरह देखा जा रहा है। प्रतिष्ठानों व उद्योगों के बाहर जीएसटी टीम का पहरा रहता है। यह प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। व्यापारी को सम्मान मिलना चाहिए। प्रदेश में ई-वे बिल प्रथा लागू है। ऐसे में सचल दल की आवश्यकता नहीं रह जाती है। सचल दल अधिकारी मात्र अपने टारगेट पूरा करने के लिए व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न करते हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष घनश्याम दास गुप्ता ने पत्र के माध्यम से कहा है कि अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का खुला आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जो अनुचित है। इसे बंद किया जाए। जीएसटी प्रणाली की जटिलताओं से व्यापारी दुखी हैं। इसका सरलीकरण होना चाहिए। प्रदेश के व्यापारियों की अपील है कि जिला स्तरीय सरलीकरण कमेटी में व्यापारियों को भी जोड़ा जाए और उनके सुझाव को महत्व दिया जाए। प्रदेश का व्यापारी हर माह लाखों-करोड़ों रुपये का टैक्स जमा कर सरकार का खजाना भर रहा है। इसके बाद भी उसे चोर की तरह देखा जा रहा है। प्रतिष्ठानों व उद्योगों के बाहर जीएसटी टीम का पहरा रहता है। यह प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। व्यापारी को सम्मान मिलना चाहिए। प्रदेश में ई-वे बिल प्रथा लागू है। ऐसे में सचल दल की आवश्यकता नहीं रह जाती है। सचल दल अधिकारी मात्र अपने टारगेट पूरा करने के लिए व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न करते हैं।
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