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आगरा में कोरोना: संक्रमण का नया मरीज नहीं मिला, 18 करा रहे इलाज
Tue, 09 Mar 2021 04:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 09 Mar 2021 04:11 AM IST
सार
- कुल संक्रमितों की संख्या 10548
- 174 की मौत हो गई है
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में सोमवार को कोरोना वायरस का नया मामला नहीं आया है। एक मरीज ठीक हो गया है, अब 18 मरीज इलाज करा रहे हैं। सात दिन में यह चौथी बार है, जब एक दिन में नया मरीज नहीं मिला है। अब भी कुल संक्रमितों की संख्या 10548 मरीज हैं, जिसमें से 174 की मौत हो गई है, 10356 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं।
इससे पहले आगरा में रविवार को कोरोना वायरस के तीन नए मामले सामने आए। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि आगरा जनपद में 5,79,553 सेंपल टेस्ट हो चुके हैं। रिकवरी रेट 98.17 प्रतिशत है। गौरतलब है कि आगरा में विगत 2020 मार्च में पहला कोरोना संक्रमित मिला था। इसके बाद लगातार कोरोना संक्रमण के मरीज मिलना शुरू हुए।
ऐसे बनीं चेन
1. पहली चेन मार्च 2020 में विदेश से लौटे लोगों की बनी।
2. दूसरी चेन जमात से लौटे लोगों की थी, यह अप्रैल में बनी थी।
3. तीसरी चेन अप्रैल-मई में बनी, यह स्वास्थ्यकर्मियों की थी।
4. चौथी चेन मई और जून में सामने आई, यह चिकित्सकों की थी।
5. पांचवीं चेन पुलिसकर्मियों की थी, यह जून और जुलाई में बनी।
6. छठी चेन थी सब्जी वालों और दूध वालों की, ये जून से अगस्त में बनी।
7. सातवीं चेन मेडिकल स्टोर संचालकों की थी, यह अगस्त से अक्तूबर तक रही।
8. आठवीं और आखिरी चेन अक्तूबर और नवंबर में बनी, यह व्यापारियों की थी।
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इससे पहले आगरा में रविवार को कोरोना वायरस के तीन नए मामले सामने आए। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि आगरा जनपद में 5,79,553 सेंपल टेस्ट हो चुके हैं। रिकवरी रेट 98.17 प्रतिशत है। गौरतलब है कि आगरा में विगत 2020 मार्च में पहला कोरोना संक्रमित मिला था। इसके बाद लगातार कोरोना संक्रमण के मरीज मिलना शुरू हुए।
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ऐसे बनीं चेन
1. पहली चेन मार्च 2020 में विदेश से लौटे लोगों की बनी।
2. दूसरी चेन जमात से लौटे लोगों की थी, यह अप्रैल में बनी थी।
3. तीसरी चेन अप्रैल-मई में बनी, यह स्वास्थ्यकर्मियों की थी।
4. चौथी चेन मई और जून में सामने आई, यह चिकित्सकों की थी।
5. पांचवीं चेन पुलिसकर्मियों की थी, यह जून और जुलाई में बनी।
6. छठी चेन थी सब्जी वालों और दूध वालों की, ये जून से अगस्त में बनी।
7. सातवीं चेन मेडिकल स्टोर संचालकों की थी, यह अगस्त से अक्तूबर तक रही।
8. आठवीं और आखिरी चेन अक्तूबर और नवंबर में बनी, यह व्यापारियों की थी।
दिसंबर में बदली कहानी, मॉडल सफल
दिसंबर में आगरा मॉडल सफल हो गया। इसे अन्य जिलों में लागू किया गया। कारण यह था कि दिसंबर से संक्रमण की दर तेजी से घटी। इसका एक कारण होम आइसोलेशन भी रहा। होम आइसोलेशन में 6502 मरीज भर्ती रहे और ठीक हुए। इनमें से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। अभी 18 मरीज होम आइसोलेेशन में इलाज करा रहे हैं।
दिसंबर में आगरा मॉडल सफल हो गया। इसे अन्य जिलों में लागू किया गया। कारण यह था कि दिसंबर से संक्रमण की दर तेजी से घटी। इसका एक कारण होम आइसोलेशन भी रहा। होम आइसोलेशन में 6502 मरीज भर्ती रहे और ठीक हुए। इनमें से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। अभी 18 मरीज होम आइसोलेेशन में इलाज करा रहे हैं।