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नींद की झपकी बन रही हादसे का कारण, सुरक्षित सफर के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Sat, 18 May 2019 07:29 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 18 May 2019 07:29 PM IST
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हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई कार
- फोटो : अमर उजाला
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नींद की एक झपकी हादसे की वजह बन जाती है। इसलिए वाहन चलाते वक्त जरा सी भी सुस्ती महसूस हो तो तुरंत गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर लें। मथुरा में शनिवार को आगरा-दिल्ली हाईवे पर कार चालक को नींद की झपकी आने से भीषण हादसा हो गया। कार हाईवे पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में मासूम बच्ची समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए।
पिछले तीन महीनों की बात करें तो मथुरा में इस प्रकार के 23 हादसे हो चुके हैं। इनमें 10 से ज्यादा लोग मर गए, जबकि 80 से अधिक घायल हुए। इनमें से अधिकांश वही थे जो लंबे समय से ड्राइविंग कर रहे थे या फिर नींद पूरी नहीं हो पाई थी। चालक के पलक झपकते ही वाहन या तो पलट गया या फिर किसी अन्य वाहन से टकरा गया।
10-10 घंटे लगातार ड्राइविंग। कहीं रुके बिना सैकड़ों किलोमीटर का सफर। रात को नींद पूरी हुई नहीं कि सुबह को फिर गाड़ी लेकर निकल पड़े। आमतौर पर ऐसी ही स्थिति में ही ड्राइवरों को नींद की झपकी आती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर तो इस तरह के तमाम मामले सामने आते हैं।
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पिछले तीन महीनों की बात करें तो मथुरा में इस प्रकार के 23 हादसे हो चुके हैं। इनमें 10 से ज्यादा लोग मर गए, जबकि 80 से अधिक घायल हुए। इनमें से अधिकांश वही थे जो लंबे समय से ड्राइविंग कर रहे थे या फिर नींद पूरी नहीं हो पाई थी। चालक के पलक झपकते ही वाहन या तो पलट गया या फिर किसी अन्य वाहन से टकरा गया।
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10-10 घंटे लगातार ड्राइविंग। कहीं रुके बिना सैकड़ों किलोमीटर का सफर। रात को नींद पूरी हुई नहीं कि सुबह को फिर गाड़ी लेकर निकल पड़े। आमतौर पर ऐसी ही स्थिति में ही ड्राइवरों को नींद की झपकी आती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर तो इस तरह के तमाम मामले सामने आते हैं।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हो चुके हैं कई हादसे
मार्च में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां डिवाइडर से टकरा गईं थीं। हादसे की वजह चालकों को नींद की झपकी आना बताया गया। एक बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। इसमें भी चालक को नींद आ गई थी। फरवरी में एक्सप्रेसवे पर सात हादसे ऐसे हुए जिनका कारण चालक को नींद की झपकी आना रहा। पांच लोगों की मौत इन दुर्घटनाओं में हो गई थी।
एक्सप्रेसवे के अधिकारी मेजर (रिटायर्ड) मनीष बताते हैं कि अगर चालक को गाड़ी चलाते वक्त कहीं नींद आती है तो तत्काल गाड़ी को किनारे लगा लेना चाहिए। कहीं चाय पी लें। क्योंकि ऐसे में ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक हो जाता है। एक्सप्रेसवे अथॉरिटी वाले तो लगातार लोगों को इसके लिए जागरूक भी करते रहते हैं।
इन बातों का ख्याल रखें
- अगर सुस्ती आए तो तत्काल गाड़ी को किनारे लगा लें।
- तीन से चार घंटे की ड्राइविंग पर कहीं चाय या पानी पीकर फ्रेश हो जाएं।
- अगर रात को नींद पूरी न हुई हो तो सुबह को गाड़ी लेकर न निकलें।
- अगर कोई शुगर का मरीज हो तो लंबी ड्राइविंग न करें।
- पूरी रात को सफर तय करने से बचें।
- चालक की सीट के बगल में बैठने वाला सोए ना।
एक्सप्रेसवे के अधिकारी मेजर (रिटायर्ड) मनीष बताते हैं कि अगर चालक को गाड़ी चलाते वक्त कहीं नींद आती है तो तत्काल गाड़ी को किनारे लगा लेना चाहिए। कहीं चाय पी लें। क्योंकि ऐसे में ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक हो जाता है। एक्सप्रेसवे अथॉरिटी वाले तो लगातार लोगों को इसके लिए जागरूक भी करते रहते हैं।
इन बातों का ख्याल रखें
- अगर सुस्ती आए तो तत्काल गाड़ी को किनारे लगा लें।
- तीन से चार घंटे की ड्राइविंग पर कहीं चाय या पानी पीकर फ्रेश हो जाएं।
- अगर रात को नींद पूरी न हुई हो तो सुबह को गाड़ी लेकर न निकलें।
- अगर कोई शुगर का मरीज हो तो लंबी ड्राइविंग न करें।
- पूरी रात को सफर तय करने से बचें।
- चालक की सीट के बगल में बैठने वाला सोए ना।