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टिड्डी से धान और मक्का में 15 प्रतिशत तक नुकसान
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29एमएनपी-18-किशनी क्षेत्र में बबूल के पेड़ पर बैठी टिड्डी
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में आए टिड्डी दल ने फसलों में दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचाया है। किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग के आंकलन में ये आंकड़ा सामने आया है।
मैनपुरी में 28 जून को टिड्डी दल आया था। दो दिन तक अलग-अलग क्षेत्र में नुकसान करने के बाद 29 जून को ये दल घिरोर से होते हुए फिरोजाबाद की ओर निकल गया था। इसके बाद अगले दिन भी तलाश में कहीं भी टिड्डी नहीं मिली तो कृषि विभाग ने राहत की सांस ली थी। वहीं अब फसलों में हुए नुकसान का आंकलन विभाग ने शुरू कर दिया है। अभी किसानों की शिकायत पर बेवर और बरनाहल क्षेत्र में खरीफ की मक्का और धान की नर्सरी में नुकसान का आंकलन किया गया है। इसमें दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान की बात सामने आई है। करहल और किशनी क्षेत्र में अभी आंकलन की रिपोर्ट विभाग को प्राप्त नहीं हुई। अन्य फसल जैसे ढेंचा और जायद की मक्का में टिड्डी ने केवल पत्ती को नुकसान पहुंचाया है, इससे फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नहीं मांगी गई है कोई रिपोर्ट
किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग फसलों में नुकसान का आंकड़ा तो जुटा रहा है, लेकिन किसानों की भरपाई होना अभी मुश्किल नजर आ रहा है। दरअसल अब तक शासन ने नुकसान के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मांगी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जैसे शासन के निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
किसानों की शिकायत पर बरनाहल और बेवर क्षेत्र में नुकसान का आंकलन कराया गया है। मक्का और धान की नर्सरी में दस से 15 प्रतिशत का नुकसान है। अन्य क्षेत्रों में भी जल्द ही आंकड़ा सामने आ जाएगा।
डॉ. गगन दीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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मैनपुरी में 28 जून को टिड्डी दल आया था। दो दिन तक अलग-अलग क्षेत्र में नुकसान करने के बाद 29 जून को ये दल घिरोर से होते हुए फिरोजाबाद की ओर निकल गया था। इसके बाद अगले दिन भी तलाश में कहीं भी टिड्डी नहीं मिली तो कृषि विभाग ने राहत की सांस ली थी। वहीं अब फसलों में हुए नुकसान का आंकलन विभाग ने शुरू कर दिया है। अभी किसानों की शिकायत पर बेवर और बरनाहल क्षेत्र में खरीफ की मक्का और धान की नर्सरी में नुकसान का आंकलन किया गया है। इसमें दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान की बात सामने आई है। करहल और किशनी क्षेत्र में अभी आंकलन की रिपोर्ट विभाग को प्राप्त नहीं हुई। अन्य फसल जैसे ढेंचा और जायद की मक्का में टिड्डी ने केवल पत्ती को नुकसान पहुंचाया है, इससे फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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नहीं मांगी गई है कोई रिपोर्ट
किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग फसलों में नुकसान का आंकड़ा तो जुटा रहा है, लेकिन किसानों की भरपाई होना अभी मुश्किल नजर आ रहा है। दरअसल अब तक शासन ने नुकसान के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मांगी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जैसे शासन के निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों की शिकायत पर बरनाहल और बेवर क्षेत्र में नुकसान का आंकलन कराया गया है। मक्का और धान की नर्सरी में दस से 15 प्रतिशत का नुकसान है। अन्य क्षेत्रों में भी जल्द ही आंकड़ा सामने आ जाएगा।
डॉ. गगन दीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।