आगरा: फर्जी आरपीएफ सिपाही बनकर विशाखापट्टनम से ट्रेन में गांजा तस्करी, तीन तस्कर गिरफ्तार
दक्षिण से आने वाली ट्रेनों में गांजा तस्करी थम नहीं रही है। आगरा में पुलिस ने एक बार फिर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर फ्लाइट से विशाखापट्टनम जाते थे। वहां से ट्रेन में गांजा लेकर आते थे।
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विशाखापट्टनम से आगरा तक ट्रेन में गांजा की तस्करी की जा रही है। सोमवार को पुलिस ने मलपुरा के तस्कर राहुल सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया। आरोपियों के पास से 10 किग्रा गांजा, आरपीएफ सिपाही का फर्जी आईकार्ड, सात फर्जी आधार कार्ड, चार फर्जी दस्तावेज पर लिए सिम कार्ड, तीन मोबाइल और एक फ्लाइट टिकट बरामद किया है।
एसपी ग्रामीण पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि क्रिमिनल इंटेलीजेंस यूनिट और थाना मलपुरा पुलिस ने सोमवार को गांव लालऊ पुल के पास से तीन संदिग्धों को पकड़ा। उन्होंने अपने नाम मलपुरा निवासी राहुल, संभल स्थित चंदौसी के लक्ष्मण गंज निवासी रहमान और सलमान बताए। राहुल और उसका साथी कल्पेंद्र उर्फ केडी दिल्ली से फ्लाइट में विशाखापट्टनम जाते थे।
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इसके बाद गांजा खरीदकर ट्रेन में लेकर आते थे। पुलिस से बचने के लिए आरपीएफ सिपाही का फर्जी आईडी कार्ड और आधार कार्ड अपने पास रखते थे। आरोपियों के दो साथी मलपुरा निवासी कल्पेंद्र चाहर उर्फ केडी और चंदौसी निवासी मोंटी उर्फ फैजान भी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज और नशे के पदार्थ के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया।
चंदौसी का मोंटी खरीदता है गांजा
राहुल ने बताया कि वो कल्पेंद्र चाहर उर्फ केडी के साथ विशाखापट्टनम से गांजा की तस्करी करता है। आगरा लाकर मोंटी उर्फ फैजान को बेच देते हैं। मोंटी अपने साथी सलमान और रहमान को गांजा लेने भेजता है। माल तभी दिया जाता है जब रकम मिल जाती है। सलमान और रहमान गांजा लेने आए थे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
होटल में फर्जी आधार कार्ड से रुकते थे आरोपी
राहुल ने पुलिस को बताया कि विशाखापट्टनम से गांजा लेने जाने और आने के दौरान फर्जी आधार कार्ड और आरपीएफ सिपाही का कार्ड रखते थे। फर्जी आधार कार्ड की सहायता से होटल में रुकते थे। पुलिस के पकड़ने पर आधार कार्ड दिखाते और बच निकलते।
चंदौसी, मुरादाबाद और रामपुर तक करते हैं बिक्री
रहमान और सलमान ने बताया कि वह आगरा से गांजा चंदौसी लेकर जाते और मोंटी उर्फ फैजान को देते थे। वो लोग चंदौसी के अलावा मुरादाबाद, रामपुर में गांजा फुटकर में बेच देते हैं। विशाखापट्टनम से तीन से चार हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से आने वाला गांजा उन्हें सात से आठ हजार रुपये प्रति किलोग्राम में मिलता है। उसे दो और तीन गुनी कीमत पर फुटकर में बेच दिया जाता है। कई और आरोपियों के नामों के बारे में पुलिस को पता चला है।
ताजनगरी में लगातार आ रहे मामले
ताजनगरी गांजा की तस्करी का गढ़ बनती जा रही है। रविवार को पुलिस ने मलपुरा में एक ट्रक पकड़ा था। उससे एक करोड़ का गांजा बरामद किया गया था, लेेकिन आरोपी नहीं पकड़े जा सके। इसके अलावा ताजगंज, सिकंदरा में भी गांजा की तस्करी पकड़ी जा चुकी है। बड़े तस्कर पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं।