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कोरोना : यूपी के तीन शहरों में चिकित्सा सेवा सुधारेंगे एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक
Mon, 20 Jul 2020 12:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:01 AM IST
सार
- शासन ने एसएन के तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को बनाया वाराणसी, मेरठ और मुजफ्फरनगर का नोडल ऑफिसर
- दो महीने रहेंगे तैनात, इलाज, जांच, ट्राएज ओपीडी समेत अन्य की व्यवस्थाओं की करेंगे समीक्षा
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के वरिष्ठ चिकित्सकों को वाराणसी, मेरठ और मुजफ्फरनगर के मेडिकल कॉलेजों में संक्रमित मरीजों के इलाज की सेवाओं को सुधारने का जिम्मा मिला है। यह दो महीने वहां रहेंगे और कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के इलाज, जांच और ट्राएज ओपीडी का हाल देखेंगे। इसमें सुधार करवाते हुए इसकी रिपोर्ट शासन को देंगे।
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एसएन कॉलेज के ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार को वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल को सुभारती मेडिक्ल कॉलेज मेरठ और एसपीएम विभाग के डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी को मुजफ्फर नगर मेडिकल कॉलेज का नोडल ऑफिसर बनाया गया है।
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ये तीन डॉक्टर दो महीने रुककर कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने और बचाव के लिए कार्य करेंगे। इनको रोजाना की जानकारी शासन को व्हाट्सएप के जरिये देनी होगी। इससे पहले एसएन के डॉ. टीपी सिंह और डॉ. यूवी गुप्ता भी यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि शासन ने प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से 28 चिकित्सकों को विभिन्न कॉलेजों में नोडल अधिकारी बनाकर भेजा है, एसएन से तीन चिकित्सक लगाए गए हैं।
ये रहेंगे विशेष कार्य
- कॉलेजों में बनी टॉस्क फोर्स और समितियों के साथ सहयोग बनाकर कार्य करेंगे।
- कॉलेज में सैनिटाइजेशन, किचन, लॉन्ड्री में साफ-सफाई का हाल देखेंगे।
- संक्रमित मरीजों के इलाज को आवश्यक पीपीई किट, मास्क की उपलब्धता परखेंगे।
- आइसोलेशन वार्ड, हेल्प डेस्क क्वारंटीन सेंटर, कंट्रोल रूम की मानीटरिंग करेंगे।
- देखेंगे कि जुकाम-खांसी के मरीजों के लिए ट्राएज ओपीडी में कैसे इलाज हो रहा है।
- संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के भर्ती करने की प्रक्रिया, उनके इलाज का हाल देखेंग।
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- कॉलेज में सैनिटाइजेशन, किचन, लॉन्ड्री में साफ-सफाई का हाल देखेंगे।
- संक्रमित मरीजों के इलाज को आवश्यक पीपीई किट, मास्क की उपलब्धता परखेंगे।
- आइसोलेशन वार्ड, हेल्प डेस्क क्वारंटीन सेंटर, कंट्रोल रूम की मानीटरिंग करेंगे।
- देखेंगे कि जुकाम-खांसी के मरीजों के लिए ट्राएज ओपीडी में कैसे इलाज हो रहा है।
- संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के भर्ती करने की प्रक्रिया, उनके इलाज का हाल देखेंग।
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