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मैनपुरी में दर्दनाक हादसा: गैस सिलिंडर से कमरे में लगी आग, तीन माह के मासूम की जलकर मौत
Mon, 17 Jan 2022 11:03 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:03 AM IST
सार
हादसा रविवार रात को हुआ, जब मासूम बच्चे की मां कमरे में खाना बना रही थी। तभी गैस सिलिंडर ने आग पकड़ ली। पूरे कमरे में आग फैलने से बच्चा जिंदा जल गया।
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महिला की गोद में मृत बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र में रविवार रात को दर्दनाक हादसा हो गया। गांव रम्पुरा में रविवार देर शाम गैस के सिलिंडर में रिसाव से चूल्हे में लगी आग कमरे में फैल गई। इससे पास ही चारपाई पर सो रहे तीन माह के बच्चे की जलने से मौत हो गई। उसकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है।
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गांव निवासी अरविंद प्रताप एक कमरे में परिवार सहित रहते हैं। रविवार की शाम करीब सात बजे अरविंद घर के बाहर अपने बड़े बेटे सनी के साथ बैठे हुए थे। तीन माह का बेटा कार्तिक कमरे में चारपाई पर लेटा था। कमरे में ही रखे गैस चूल्हे पर पत्नी रीना दूध गर्म कर रही थी। अरविंद के अनुसार रीना गैस जलती छोड़कर जानवरों को बांधने के लिए पशुबाड़े में चली गई। इसी बीच गैस रिसाव होने से चूल्हे और पाइप में आग लग गई। कुछ ही देर में आग पूरे कमरे में फैल गई और चारपाई भी आग की चपेट में आ गई। इससे उस पर सो रहा कार्तिक झुलस गया। जानकारी पर अरविंद कमरे में पहुंचे और आग को बुझाने के साथ ही बच्चे को बाहर निकाला। परिजन बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार दोपहर बाद परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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कमरे में होती किसी की मौजूदगी तो न होता हादसा
तीन माह के बच्चे की जलने से मौत के बाद से मां-बाप बेसुध हैं। उनका कहना था कि अगर कमरे में किसी की मौजूदगी होती तो यह हादसा नहीं होता। वहीं दोपहर बाद गमगीन माहौल में बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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गांव रम्पुरा निवासी अरविंद प्रताप और उनकी पत्नी रीना बच्चे की मौत से बेसुध हैं। दंपती बच्चे के शव को सीने से लगाए हुए रोते बिलखते रहे। अरविंद का कहना था कि अगर वह या उनकी पत्नी कमरे में होते तो यह हादसा न होता। क्यों कि चूल्ह में लगी आग को समझ रहते बुझाया जा सकता था। दंपती के बाहर होने से उन्हें आग की जानकारी नहीं हुई और आग पूरे कमरे में फैल गई। वहीं दोपहर बाद गांव में ही गमगीन माहौल में बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
इन बातों का रखें ख्याल
-खाना कमरे में न बनाएं
-किचन में गैस जलती हुई न छोड़ें
-गैस चूल्हे के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें
-नियमित रूप से चूल्हा और पाइप की जांच करें