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एटा: जेलर को फोन पर धमकी देकर मांगी रकम, मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया, मुकदमा दर्ज
Sat, 22 May 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 22 May 2021 12:10 AM IST
सार
जेलर का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। जिस पर गुरुवार को कोतवाली नगर में तहरीर देकर मोबाइल नंबर सहित ट्रू-कॉलर पर आने वाले नाम दयाशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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विस्तार
एटा जिला कारागार में तैनात जेलर को फोन पर धमकी देकर रकम मांगी गई। कॉल करने वाले ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया। जेलर ने गुरुवार रात मुकदमा दर्ज कराया है।
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जेलर कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि 17 मई की शाम उनके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉलर ने मुख्यमंत्री कार्यालय लखनऊ का अधिकारी बताते हुए कहा कि तुम्हारे खिलाफ एक बड़ी जांच आई है। इसको निपटवाना है तो रकम का इंतजाम कर पहुंचवा दो। धमकी भी दी कि रकम नहीं दी तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। मोबाइल फोन में ट्रू-कॉलर एप पर दयाशंकर नाम लिखकर आया। मुख्यमंत्री कार्यालय से कॉल आने और धमकी देकर रकम मांगने का मामला जेलर ने उच्चाधिकारियों को बताया।
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जेलर का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। जिस पर गुरुवार को कोतवाली नगर में तहरीर देकर मोबाइल नंबर सहित ट्रू-कॉलर पर आने वाले नाम दयाशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसएसपी उदयशंकर सिंह ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की लोकेशन पता की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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चार दिन तक गुपचुप जांच के बाद कराई रिपोर्ट
जेलर को धमकी भरा कॉल आने के बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने की बात थी, जिसे लेकर गुपचुप ढंग से चार दिन जांच चलती रही। कॉलर के फर्जी होने की पुष्टि के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय से कॉल की बात पर मची रही खलबली
जेलर कुलदीप सिह भदौरिया को धमकी भरा कॉल 17 मई को आया। उन्होंने जेल अधीक्षक, जेल डीआईजी सहित प्रदेश स्तर के अन्य अधिकारियों को भी इस कॉल की जानकारी दी। जेल अधिकारी कॉलर की पहचान करने में जुट गए। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी संपर्क साधकर इस तरह के व्यक्ति और नंबर की जानकारी की गई। जिसमें ऐसा कुछ नहीं बताया गया। जिसके बाद यह तय हो गया कि कॉल करने वाला कोई फर्जी व्यक्ति है। हालांकि अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि जेलर द्वारा जानकारी दी गई। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही आरोपी की तलाश के लिए पुलिस को जांच में सहयोग दिया जा रहा है।
जेल से आगरा के डॉक्टर को दी गई थी धमकी
जिला जेल से आगरा के एक डॉक्टर को धमकी दिए जाने का मामला काफी चर्चित रहा था। जेल की पीसीओ सेवा से जनवरी में एक बंदी ने डॉ. अनिल पांडेय को फोन कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। डॉक्टर की शिकायत पर जेल प्रशासन ने जांच कर बंदी को चिह्नित किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।
जेलर को धमकी भरा कॉल आने के बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने की बात थी, जिसे लेकर गुपचुप ढंग से चार दिन जांच चलती रही। कॉलर के फर्जी होने की पुष्टि के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय से कॉल की बात पर मची रही खलबली
जेलर कुलदीप सिह भदौरिया को धमकी भरा कॉल 17 मई को आया। उन्होंने जेल अधीक्षक, जेल डीआईजी सहित प्रदेश स्तर के अन्य अधिकारियों को भी इस कॉल की जानकारी दी। जेल अधिकारी कॉलर की पहचान करने में जुट गए। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी संपर्क साधकर इस तरह के व्यक्ति और नंबर की जानकारी की गई। जिसमें ऐसा कुछ नहीं बताया गया। जिसके बाद यह तय हो गया कि कॉल करने वाला कोई फर्जी व्यक्ति है। हालांकि अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि जेलर द्वारा जानकारी दी गई। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही आरोपी की तलाश के लिए पुलिस को जांच में सहयोग दिया जा रहा है।
जेल से आगरा के डॉक्टर को दी गई थी धमकी
जिला जेल से आगरा के एक डॉक्टर को धमकी दिए जाने का मामला काफी चर्चित रहा था। जेल की पीसीओ सेवा से जनवरी में एक बंदी ने डॉ. अनिल पांडेय को फोन कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। डॉक्टर की शिकायत पर जेल प्रशासन ने जांच कर बंदी को चिह्नित किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।