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Kartik Purnima Snan: हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजे गंगा घाट, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Sat, 16 Nov 2024 03:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 16 Nov 2024 03:09 PM IST
सार
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए उमड़ पड़े। कछला, लहरा, हर की पौड़ी, कादरगंज, इस्माइलपुर गंगाघाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर दानपुण्य कर देव मंदिरों में दर्शन किए।
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गंगा स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को हरि की पौड़ी, लहरा गंगा घाट और कादरगंज घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। चुनरी मनोरथ कर मनौती मांगी। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए।
तीर्थनगरी में बृहस्पतिवार की शाम से ही राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, दिल्ली एवं प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शुक्रवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया। गंगा किनारे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराकर प्रसाद बांटा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा कर दुग्धाभिषेक किया। मां गंगा का चुनरी मनोरथ कर आरती उतारी। श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी व सूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया।
परिक्रमा मार्ग में बैठे निर्धनों को अनाज, कपड़ा, पैसा आदि दान किया। भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया। शुक्रवार को वराह मंदिर में सेवायत पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह को नूतन पोशाक अलंकार पहनाकर भव्य शृंगार किया। अन्य मंदिरों में भी श्रद्धाुलओं ने दर्शन किए। गंगा किनारे लगे मेले से श्रद्धालुओं ने जलेबी व खजला, प्रसाद इलाईची की जमकर खरीददारी की। स्वामी महेश दयानंद, स्वामी अमृतानंद, बंशी वाले बाबा, बृह्मानंद आश्रम, टाटिया बाबा, भूदत्त आदि आश्रमों में श्रद्धालुओं ने संतों के लिए भंडारे का आयोजन कर उन्हें कंबल बांटे।
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गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान काफी संख्या में संतों ने भी गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया। मोनी बाबा आश्रम में चल रहे भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। जाम से निजात पाने मोनी बाबा आश्रम से घाट तक पंचने के लिये रूट को परिवर्तित किया गया।
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तीर्थनगरी में बृहस्पतिवार की शाम से ही राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, दिल्ली एवं प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शुक्रवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया। गंगा किनारे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराकर प्रसाद बांटा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा कर दुग्धाभिषेक किया। मां गंगा का चुनरी मनोरथ कर आरती उतारी। श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी व सूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया।
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परिक्रमा मार्ग में बैठे निर्धनों को अनाज, कपड़ा, पैसा आदि दान किया। भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया। शुक्रवार को वराह मंदिर में सेवायत पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह को नूतन पोशाक अलंकार पहनाकर भव्य शृंगार किया। अन्य मंदिरों में भी श्रद्धाुलओं ने दर्शन किए। गंगा किनारे लगे मेले से श्रद्धालुओं ने जलेबी व खजला, प्रसाद इलाईची की जमकर खरीददारी की। स्वामी महेश दयानंद, स्वामी अमृतानंद, बंशी वाले बाबा, बृह्मानंद आश्रम, टाटिया बाबा, भूदत्त आदि आश्रमों में श्रद्धालुओं ने संतों के लिए भंडारे का आयोजन कर उन्हें कंबल बांटे।
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गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान काफी संख्या में संतों ने भी गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए तीर्थपुरोहितों से पूजन अनुष्ठान कराया। मोनी बाबा आश्रम में चल रहे भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। जाम से निजात पाने मोनी बाबा आश्रम से घाट तक पंचने के लिये रूट को परिवर्तित किया गया।