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Taj Mahotsav 2026: ‘दम मस्त कलंदर’ से ‘भर दो झोली’ तक… सूफी नाइट में डूबा ताज महोत्सव; श्रोता झूम उठे

Sat, 21 Feb 2026 08:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 21 Feb 2026 08:15 AM IST
सार

आगरा के ताज महोत्सव में सूफी नाइट में अली ब्रदर्स ने अपनी बुलंद आवाज का जादू बिखेरा तो पूरा पंडाल मस्ती में झूम उठा। 
 

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Thousands Light Up the Night as Ali Brothers Set the Stage on Fire
अली ब्रदर्स - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सुरमई शाम, सर्द हवाएं और रूह को सुकून पहुंचाते सूफियाना कलाम...। शुक्रवार रात ताज महोत्सव की फिजा कुछ ऐसी ही जादुई रही। फतेहाबाद रोड स्थित टाटा मैदान में सजी महफिल में जब मशहूर अली ब्रदर्स ने अपनी बुलंद आवाज का जादू बिखेरा तो पूरा पंडाल मस्ती में झूम उठा। सूफी संगीत की रूहानी धुनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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कार्यक्रम का आगाज अली ब्रदर्स ने अपने सिग्नेचर अंदाज में दजा दम मस्त मस्त कलंदर से आगाज किया। जैसे ही सूफियाना संगीत की पहली तान छिड़ी, दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाते हुए कलाकारों का इस्तकबाल किया। इसके बाद एक के बाद एक सुपरहिट कलामों का सिलसिला शुरू हुआ। तेरी दीवानी, सांसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम और मेरे रश्के कमर जैसे गीतों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई झूमता नजर आया।
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महोत्सव का नजारा उस वक्त और भी खूबसूरत हो गया जब अली ब्रदर्स के आह्वान पर हजारों दर्शकों ने एक साथ अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जला दी। रंग-बिरंगी रोशनी और बेहतरीन साउंड सिस्टम के बीच सूफी संगीत का यह संगम ताज महोत्सव के अब तक के सबसे सफल आयोजनों में से एक बन गया। कलाकारों ने भर दो झोली मेरी गाकर माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
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देवभूमि की संस्कृति और कथक का संगम
सूफी नाइट से पहले मंच पर सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। प्रयागराज के ईशान मिश्रा ने अपने इंटरनेशनल बैंड के साथ फ्यूजन म्यूजिक का तड़का लगाया। इसके बाद कथक नृत्यांगना सरिता यादव ने अपनी थिरकन से शास्त्रीय नृत्य की छटा बिखेरी। वहीं, उत्तराखंड से आए कलाकारों ने देवभूमि नृत्य नाटिका के जरिये पहाड़ों की समृद्ध परंपरा और लोक नृत्य का जीवंत प्रदर्शन किया।



 
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