कोरोना वायरस: आगरा में अल्फा, बीटा, गामा समेत आठ वैरिएंट का खतरा, बरतें विशेष सावधानी
आगरा में अब तक कोरोना के चार वैरिएंट मिल चुके हैं, लेकिन संभावित तीसरी लहर में आठ वैरिएंट का खतरा है। ऐसे में कोविड से बचाव के लिए नियमों को सख्ती से पालन करें।
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कोविड नियमों की अनदेखी तीसरी लहर को न्यौता दे रही है। कोरोना वायरस की तीसरी लहर में ताजनगरी में आठ वैरिएंट का खतरा है। इसमें से तीन वैरिएंट के मरीज मिल चुके हैं। एक अज्ञात वैरिएंट अभी भी पहेली बना हुआ है। ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को टीकाकरण करवाने और मास्क-सामाजिक दूरी का गंभीरता से पालन करने की सीख दे रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब की नोडल प्रभारी डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के ईटा, लोटा, कप्पा, लैम्ब्ड, अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और डेल्टा प्लस का खतरा बताया है। संगठन ने इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट का नाम दिया है।
इसमें से आगरा में कोरोना वायरस का कप्पा वैरिएंट का एक और डेल्टा वैरिएंट के 17 मरीज मिल चुके है। दक्षिण अफ्रीका वैरिएंट और अज्ञात वैरिएंट के भी एक-एक मरीज मिले हैं। अप्रैल-मई में वायरस की दूसरी लहर में डेल्टा का कहर लोग देख चुके हैं, ऐसे में लोग पूरी तरह से सावधानी बरतें।
विदेशी पर्यटकों से खतरा अधिक
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जिन वैरिएंट का तीसरी लहर में बताया है, उससे आगरा को अधिक खतरा है। यहां एतिहासिक स्मारक हैं और इसे निहारने के लिए विदेशी पर्यटक भी आ रहे हैं। ऐसे में इनसे कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट का होने का खतरा बना हुआ है।
अभी मिले वैरिएंट
- जनवरी में कमला नगर की युवती में मिला था दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट
- मार्च में यमुनापार के ट्रेवल एजेंसी के कार चालक में मिला अज्ञात वैरिएंट
- 18 से 70 साल के 17 लोगों में कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट हुआ पुष्ट
- मंटोला क्षेत्र के युवक में मिला कोरोना वायरस के कप्पा वैरिएंट
यह बरतें सावधानी
- 18 साल से अधिक की उम्र के लोग टीके की दोनों डोज लगवाएं।
- टीके के बाद भी मास्क पहनना बंद न करें, सामाजिक दूरी बरतें।
- बेवजह यात्रा करने और अस्पतालों में जाने से बचें।
- बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नहीं लेकर जाएं।