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प्रभु की भक्ति के बिना नहीं मिलती मुक्ति
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21एमएनपी-40-कटरा स्थित जिनालय में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मोहल्ला कटरा स्थित आदिनाथ जिनालय में शुक्रवार को आर्यिका श्री 105 प्रतिज्ञाश्री का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान भगवान अजितनाथ का अभिषेक किया गया। विधान कराने का सौभाग्य राम कुमार, अभिषेक कुमार जैन परिवार को मिला। कार्यक्रम में आर्यिका श्री 105 प्रतिज्ञाश्री ने कहा कि प्रभु की भक्ति के सिवाय मुक्ति पाने का कोई दूसरा प्रशस्त कल्याणकारी मार्ग नहीं है।
आर्यिका श्री 105 प्रतिज्ञाश्री माताजी के जन्मोत्सव पर आचार्य आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज की संगीतमय पूजा की गई। इस दौरान 23 परिवारों ने आर्यिका प्रतिज्ञाश्री माताजी का 23 अलग-अलग वस्तुओं से पाद प्रक्षालन किया। आर्यिका श्री परीक्षाश्री, प्रेक्षाश्री ने प्रतिज्ञाश्री को बधाई दी गई। डॉ. स्वाति जैन परिवार में एक विशाल वंदनवारी माताजी को 23 उपाधियों द्वारा दर्शाते हुए समर्पित किया।
आनंद कुमार जैन इटावा द्वारा दिया गया भक्तामर स्रोत का रजत थाल आर्यिकाश्री 105 प्रतिज्ञाश्री माताजी ने कटरा जिनालय को समर्पित कर दिया। कार्यक्रम में इटावा, करहल, कुरावली, जावरा, रतलाम, बाराबंकी से श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद 48 दिवसीय भक्तामर विधान के 24वें दिन भक्तामर विधान किया गया। संचालन डॉ. सौरभ जैन ने किया।
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जैन समाज गुरुदेव का चौका लगाकर मनाएगा रक्षाबंधन
करहल। श्री दिगंबर जैन मंदिर नसियाजी में विराजमान जैन मुनि और मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर महाराज ने शनिवार को रक्षाबंधन के त्योहार के बारे में जानकारी दी। कहा कि श्रावण मास की पूर्णिमा पर दैत्य बली ने 700 मुनियों पर उपसर्ग किया था लेकिन मुनि विष्णु कुमार ने रक्षा कर 700 मुनियों को उपसर्ग से बाहर निकाला था। उसी दिन से रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। मुनिवर ने बताया कि श्रावक साधु की पिच्छी में रक्षासूत्र बांध कर धर्म की रक्षा का संकल्प लेते हैं। रविवार को हर घर में गुरुदेव के चौका लगाया जाएगा। महिला मंडल की अध्यक्ष नीलम जैन ने बताया कि करहल जैन समाज गुरुदेव का चौका लगाकर रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। महिलाओं ने निर्णय लिया है कि गुरुदेव को आहार कराकर ही वह स्वयं अन्न, जल ग्रहण करेंगी।
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आर्यिका श्री 105 प्रतिज्ञाश्री माताजी के जन्मोत्सव पर आचार्य आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज की संगीतमय पूजा की गई। इस दौरान 23 परिवारों ने आर्यिका प्रतिज्ञाश्री माताजी का 23 अलग-अलग वस्तुओं से पाद प्रक्षालन किया। आर्यिका श्री परीक्षाश्री, प्रेक्षाश्री ने प्रतिज्ञाश्री को बधाई दी गई। डॉ. स्वाति जैन परिवार में एक विशाल वंदनवारी माताजी को 23 उपाधियों द्वारा दर्शाते हुए समर्पित किया।
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आनंद कुमार जैन इटावा द्वारा दिया गया भक्तामर स्रोत का रजत थाल आर्यिकाश्री 105 प्रतिज्ञाश्री माताजी ने कटरा जिनालय को समर्पित कर दिया। कार्यक्रम में इटावा, करहल, कुरावली, जावरा, रतलाम, बाराबंकी से श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद 48 दिवसीय भक्तामर विधान के 24वें दिन भक्तामर विधान किया गया। संचालन डॉ. सौरभ जैन ने किया।
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जैन समाज गुरुदेव का चौका लगाकर मनाएगा रक्षाबंधन
करहल। श्री दिगंबर जैन मंदिर नसियाजी में विराजमान जैन मुनि और मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर महाराज ने शनिवार को रक्षाबंधन के त्योहार के बारे में जानकारी दी। कहा कि श्रावण मास की पूर्णिमा पर दैत्य बली ने 700 मुनियों पर उपसर्ग किया था लेकिन मुनि विष्णु कुमार ने रक्षा कर 700 मुनियों को उपसर्ग से बाहर निकाला था। उसी दिन से रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। मुनिवर ने बताया कि श्रावक साधु की पिच्छी में रक्षासूत्र बांध कर धर्म की रक्षा का संकल्प लेते हैं। रविवार को हर घर में गुरुदेव के चौका लगाया जाएगा। महिला मंडल की अध्यक्ष नीलम जैन ने बताया कि करहल जैन समाज गुरुदेव का चौका लगाकर रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। महिलाओं ने निर्णय लिया है कि गुरुदेव को आहार कराकर ही वह स्वयं अन्न, जल ग्रहण करेंगी।