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Agra News: बर्न यूनिट में डॉक्टर हैं न उपकरण

Sun, 23 Nov 2025 02:42 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sun, 23 Nov 2025 02:42 AM IST
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There are no doctors or equipment in the burn unit.
फोटो 3 बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी केंद्र। संवाद
मैनपुरी। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में बर्न यूनिट का निर्माण 237.88 लाख की लागत से कराया गया था। लेकिन बर्न यूनिट में भर्ती होने वाले मरीजों के जख्मों पर मरहम लगाने वाला नहीं मिल सका। तीन साल पहले पर्यटन मंत्री ने यूनिट का शुभारंभ तो करा दिया लेकिन यूनिट के लिए न तो डॉक्टर मिल सके और न ही जरूरी मशीनें उपलब्ध कराई जा सकी। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। बर्न केस को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में वर्ष 2018 में 237.88 लाख की लागत से बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी केंद्र की स्थापना कराई गई। वर्ष 2022 में 11 जून 2022 को विधान सभा चुनाव के दौरान कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने इसका उद्घाटन भी कर दिया, लेकिन आज तक इस यूनिट का लाभ कोई मरीज नहीं उठा सका। यहां भर्ती होने वाले मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां की व्यवस्थाओं पर यदि ध्यान दिया जाए तो डॉक्टर के नाम पर किसी की तैनाती नहीं है। डॉक्टर के न होने के कारण लोग अपने मरीज को यहां भर्ती करने के साथ ही रेफर कराकर ले जाते हैं। डॉक्टर की व्यवस्था न होने के कारण लोग अपने मरीज को मेडिकल कॉलेज सैफई व आगरा के निजी अस्पतालों में उपचार कराने को मजबूर हैं। बर्न यूनिट में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को भर्ती कराया जाता है। यहां एक सिस्टर इंचार्ज, एक सिस्टर, नौ एमपीडबल्लू, तीन ड्रेसर की तैनाती है। लेकिन दोपहर दो बजे के बाद यहां सिस्टर या स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं रहती है। इसके चलते मरीज को दो बजे के बाद उपचार और दवा देने वाला कोई मौजूद नहीं रहता। ऐसे में मरीज यहां भर्ती होने को तैयार नहीं हैं। बर्न यूनिट के संचालन के लिए दिसंबर 2021 में छह मल्टी परपज वर्कर (एमपीडब्लू) और तीन ड्रेसर की तैनाती की गई है। इन्हें हर महीने हजारो रुपये वेतन के रूप में दिए जाते हैं। लेकिन इस सबके बाद भी बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी केंद्र का जो सपना था वह पूरा नहीं हो पा रहा है।
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