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Agra News: जिले में नहीं हैं प्रदूषण मापने के इंतजाम

Mon, 02 Dec 2024 10:42 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Mon, 02 Dec 2024 10:42 PM IST
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There are no arrangements to measure pollution in the district
मैनपुरी। जिले में प्रदूषण मापने के ही इंतजाम नहीं हैं। प्रदूषण मापने के लिए जिला सिर्फ सैटेलाइट के भरोसे रहता है। मगर, इसके आंकड़ों पर खुद सरकारी अधिकारी तक विश्वास नहीं करते हैं। जबकि आसपास के शहरों में हवा की गुणवत्ता मापने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स का इस्तेमाल किया जाता है।
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सर्दी का सीजन शुरू होने के साथ ही स्मॉग की चादर सुबह-शाम देखी जा रही है। हवा की गुणवत्ता आसपास के जिलों सहित मैनपुरी की भी खराब होने लगी है। अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 50 से 60 रोगी सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या वाले पहुंच रहे हैं।
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प्रदूषण का हवाला देकर किसानों पर तो ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन प्रशासन प्रदूषण जांचने के बुनियादी इंतजाम तक नहीं कर पाया। हद तो यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आज तक प्रदूषण मापने के लिए यहां सेंटर स्थापित करने के लिए कोई पत्राचार भी नहीं किया।
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इस प्रकार मापी जाती है हवा की गुणवत्ता

सरकार ने देशभर के अधिकांश शहरों में डिवाइस लगा रखी हैं। इनके जरिए एक्यूआई का पता लगाया जाता है। इससे उस जिले में हवा की क्या स्थिति है इसके बारे में पता लगता है। इसमें हर तत्व का सही पता उसके घंटों के आधार पर लगता है। हवा की गुणवत्ता के आधार पर इस इंडेक्स में 6 कैटेगरी होती है। इसमें अच्छी, संतोषजनक, थोड़ा प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर जैसी कैटेगरी शामिल होती हैं। अगर अच्छी रैंकिंग की बात करें तो इसमें 50 से कम एक्यूआई होना चाहिए। इसके बाद ये स्तर बढ़ता जाता है और 500 से ऊपर हो जाता है तो यह एक इमरजेंसी की स्थिति है। इससे सांस संबंधी दिक्कत होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि ज्यादा से ज्यादा घर के अंदर रहें।



ईंट भट्ठों से लेकर औद्योगिक इकाई हैं जिले में संचालित

जिले में 100 के करीब ईंट भट्ठे संचालित हैं। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों के रूप में चावल मिल के अलावा छोटी फैक्टरियां संचालित हैं। यह हवा की गुणवत्ता को कितना खराब कर रहे हैं, कितना नहीं, इसकी जानकारी नहीं हो पाती है।



मैनपुरी में हवा की गुणवत्ता मापने का कोई केंद्र नहीं है। इसके संबंध में कभी कोई प्रस्ताव भी जिले से नहीं गया है। एक्यूआई का डाटा सैटेलाइट से देखा जा सकता है। मगर, यह अधिक विश्वसनीय नहीं है।

- राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मैनपुरी, फिरोजाबाद
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